Edited By Rohini Oberoi,Updated: 29 Jan, 2026 09:58 AM

महाराष्ट्र की राजनीति के लिए 28 जनवरी 2026 की सुबह एक काली सुबह बनकर आई। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता अजित पवार का एक विमान दुर्घटना में दुखद निधन हो गया। इस हादसे में उनके साथ विमान में सवार अन्य 4...
Ajit Pawar Plane Crash : महाराष्ट्र की राजनीति के लिए 28 जनवरी 2026 की सुबह एक काली सुबह बनकर आई। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता अजित पवार का एक विमान दुर्घटना में दुखद निधन हो गया। इस हादसे में उनके साथ विमान में सवार अन्य 4 लोगों (एक सुरक्षा अधिकारी, एक सहायक और दो क्रू मेंबर) की भी जान चली गई। यह हादसा उस समय हुआ जब अजित पवार जिला परिषद चुनाव के प्रचार के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। बता दें कि आज 11 बजे राजकीय सम्मान के साथ अजित दादा का अंतिम संस्कार किया जाएगा जिसमे गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे।
कैसे हुआ हादसा?
अजित पवार लियरजेट 45 (Learjet 45) नामक एक चार्टर्ड प्लेन से यात्रा कर रहे थे। विमान ने सुबह करीब 8:10 बजे मुंबई से उड़ान भरी थी और करीब 8:45-8:50 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार खराब दृश्यता (Poor Visibility) और तकनीकी मुश्किलों के कारण विमान रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर आग के गोले में तब्दील हो गया। चश्मदीदों के मुताबिक विमान जमीन से टकराने के बाद जोरदार धमाकों के साथ फटने लगा।
अंतिम संस्कार का कार्यक्रम
आज 29 जनवरी 2026 को बारामती में अजित दादा को अंतिम विदाई दी जाएगी:
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समय: सुबह 11:00 बजे।
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स्थान: विद्या प्रतिष्ठान, बारामती।
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राजकीय सम्मान: उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
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अति विशिष्ट अतिथि: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शरद पवार समेत देश-प्रदेश के कई दिग्गज नेता इस दुखद घड़ी में शामिल होंगे।
अजित पवार: दादा का राजनीतिक सफर
अजित पवार केवल शरद पवार के भतीजे नहीं थे बल्कि वे खुद महाराष्ट्र की राजनीति के एक पावरहाउस थे। वे महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे ज्यादा 6 बार उपमुख्यमंत्री रहे। बारामती के कायाकल्प और राज्य के वित्त व सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण विभागों में उनके कड़े प्रशासन और कार्यशैली की मिसाल दी जाती थी। जनता के बीच वे "अजित दादा" के नाम से लोकप्रिय थे और अपनी बेबाक बोलने की शैली व त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाने जाते थे।
शोक: महाराष्ट्र सरकार ने इस दुखद घटना के बाद राज्य में 3 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है।