Edited By Radhika,Updated: 16 Mar, 2026 11:48 AM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के महज कुछ ही घंटों बाद निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी सरकार के दो शीर्ष अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया, जिनमें मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती भी शामिल हैं। आयोग ने 1993 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के महज कुछ ही घंटों बाद Election Commission ने ममता बनर्जी सरकार के दो शीर्ष अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया, जिनमें मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती भी शामिल हैं। आयोग ने 1993 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी दुष्यंत नरियाला को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया और कहा कि नंदिनी चक्रवर्ती को चुनाव संबंधी कार्यों से दूर रखा जाएगा। आयोग ने पश्चिम बंगाल के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना को भी उनके पद से हटा दिया।
आयोग ने रविवार रात राज्य सरकार को भेजे एक पत्र में 1997 बैच की आईएएस अधिकारी संघमित्रा घोष को गृह एवं पर्वतीय मामलों की प्रधान सचिव नियुक्त करने का निर्देश दिया। आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा के हस्ताक्षर वाले पत्र के मुताबिक, "जिन अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, उन्हें चुनाव संपन्न होने तक किसी भी चुनाव संबंधी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा।'' आयोग ने कहा कि राज्य में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। आयोग ने कहा निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और अधिकारियों की नियुक्ति के संबंध में अनुपालन रिपोर्ट सोमवार अपराह्न तीन बजे तक भेजी जाए।
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पश्चिम बंगाल में यह प्रशासनिक फेरबदल ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास को लेकर आयोग की लगातार आलोचना के मद्देनजर किया गया। राज्य के राजनीतिक हलकों के कुछ वर्गों का मानना है कि यह कदम चुनावों के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा और मतगणना चार मई को होगी।