Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 25 Mar, 2026 06:31 PM

नई दिल्ली में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध जैसे हालात को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार शाम बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर असर को लेकर मंथन शुरू हो गया है।
नेशनल डेस्क: नई दिल्ली में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध जैसे हालात को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार शाम बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर असर को लेकर मंथन शुरू हो गया है। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री Rajnath Singh कर रहे हैं, जबकि कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी इसमें शामिल हुए हैं।
सरकार और विपक्ष के दिग्गज नेता एक मंच पर
इस हाई-लेवल मीटिंग में गृह मंत्री Amit Shah, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman, विदेश मंत्री S. Jaishankar समेत कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। वहीं विपक्ष की ओर से भी कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी, वाम दल और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने हिस्सा लेकर अपनी चिंताओं को सामने रखा।
विपक्ष के दबाव के बाद सरकार का बड़ा फैसला
दरअसल, संसद में पश्चिम एशिया के हालात को लेकर चर्चा के दौरान विपक्ष ने इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी और रणनीति साझा करने की मांग की थी। इसी के बाद सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाने का निर्णय लिया, ताकि सभी दलों को स्थिति से अवगत कराया जा सके।
संसद में क्या बोले प्रधानमंत्री
इससे पहले राज्यसभा और लोकसभा में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने स्पष्ट किया था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर दिख रहा है। उन्होंने बताया कि इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने सात विशेष ‘एम्पावर्ड ग्रुप’ बनाए हैं, जो ईंधन, गैस, उर्वरक, सप्लाई चेन और जरूरी सेवाओं पर लगातार नजर रखेंगे।
ऊर्जा संकट और महंगाई पर खास फोकस
सरकार को आशंका है कि इस संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है। इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। इसी वजह से बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, महंगाई नियंत्रण और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर खास रणनीति बनाई जा रही है।
नागरिकों की सुरक्षा और व्यापार पर भी चर्चा
बैठक में विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर असर और सप्लाई चेन बाधित होने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य है कि इस वैश्विक संकट के बीच देश के अंदर स्थिरता बनी रहे और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी की जाए।
इस सर्वदलीय बैठक का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर देशहित में साझा रणनीति तैयार करना है। सरकार सभी दलों को भरोसे में लेकर एकजुट प्रतिक्रिया देना चाहती है, ताकि किसी भी वैश्विक संकट का प्रभाव कम किया जा सके।