Edited By Pardeep,Updated: 06 Jan, 2026 06:10 AM

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार रात एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसमें नरसिंदी जिले के पोलाश उपजिला इलाके में एक प्रतिष्ठित हिंदू किराना व्यापारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
इंटरनेशनल डेस्कः बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार रात एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसमें नरसिंदी जिले के पोलाश उपजिला इलाके में एक प्रतिष्ठित हिंदू किराना व्यापारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस ताजा घटना के साथ ही बीते कुछ दिनों में मारे गए हिंदुओं की संख्या 6 हो गई है, जिससे देश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।
दुकान पर हमला, अस्पताल में तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार, 5 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे चोरसिंदूर बाजार में किराने की दुकान चलाने वाले मोनी चक्रवर्ती पर अज्ञात हमलावरों ने अचानक धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में वे बुरी तरह घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मोनी चक्रवर्ती, मदन चक्रवर्ती के सबसे बड़े बेटे थे और इलाके में एक ईमानदार व सम्मानित व्यापारी के तौर पर जाने जाते थे। उनकी हत्या से स्थानीय हिंदू समुदाय में डर और गुस्सा दोनों है।
पत्रकार की भी गोली मारकर हत्या
मोनी चक्रवर्ती से पहले हिंदू पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की भी हत्या कर दी गई थी। यह घटना जशोर जिले के मनीरामपुर क्षेत्र में सोमवार शाम करीब 6 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर मोटरसाइकिल से आए, राणा प्रताप को उनकी बर्फ फैक्ट्री से बाहर बुलाया और पास की एक गली में ले जाकर बहस के बाद सिर में कई गोलियां मार दीं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
अब तक 6 हिंदुओं की हत्या
हाल के दिनों में बांग्लादेश में जिन 6 हिंदुओं की हत्या हुई है, उनमें मोनी चक्रवर्ती, राणा प्रताप बैरागी, दीपू दास, अमृत मंडल, बजेंद्र विश्वास और खोकोन दास शामिल हैं।
दीपू दास की हत्या कथित ईशनिंदा के आरोप में की गई थी, जबकि व्यापारी खोकोन दास पर भीड़ ने हमला कर उन्हें पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। कई दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उनकी भी मौत हो गई।
बढ़ता सांप्रदायिक तनाव, डर के साए में हिंदू समुदाय
लगातार हो रही इन घटनाओं से बांग्लादेश में सांप्रदायिक तनाव और बढ़ गया है। हिंदू समुदाय में भय का माहौल है और लोग सरकार से ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। फिलहाल सभी मामलों में पुलिस जांच जारी है, लेकिन अब तक किसी बड़ी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।