Edited By Mehak,Updated: 10 Mar, 2026 01:14 PM

भूतों को लेकर लोगों में अलग-अलग मान्यताएं हैं। वृंदावन-मथुरा के बाबा प्रेमानंद महाराज ने कहा कि जिन लोगों ने आत्महत्या की, अचानक दुर्घटना हुई या बड़े पाप किए, उनकी आत्माएं भूत बन सकती हैं। भूतों की आकृति लगातार बदलती रहती है और वे केवल संतों के...
नेशनल डेस्क : भूतों को लेकर लोगों की अलग-अलग सोच और कल्पनाएं हैं। आम धारणा के अनुसार भूत किसी व्यक्ति की आत्मा होती है, जिसकी मृत्यु के बाद इच्छाएं अधूरी रह गई हों। कहा जाता है कि ये आत्माएं पुराने घरों, जंगलों या सुनसान जगहों में रहती हैं और कभी-कभी लोगों को दिखाई भी देती हैं। हालांकि, विज्ञान के अनुसार भूत होने का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। इसे कई लोग केवल डर, कल्पना या लोककथाओं से जुड़ी बात मानते हैं।
कौन होते हैं भूत?
वृंदावन-मथुरा के जाने-माने बाबा प्रेमानंद महाराज ने इस विषय पर अपने विचार साझा किए। उनके प्रिय शिष्य नवल नागरी बाबा ने उनसे प्रश्न पूछा कि भूत कैसे बनते हैं और उन्हें कैसे देखा जा सकता है। महाराज जी के अनुसार, जिन लोगों ने आत्महत्या की हो, अचानक एक्सीडेंट हुआ हो या जिनके बड़े पाप किए गए हों, उनके भूत वृंदावन में देखे गए हैं। उन्होंने कहा कि वृंदावन इस कारण विशेष है क्योंकि इसे भूतेश्वर भगवान के अधीन माना जाता है।
भूत दिखते कैसे हैं?
भूतों की आकृति स्थिर नहीं रहती। महाराज जी ने बताया कि उनकी आकृति हर क्षण बदलती रहती है। अगर भूत स्त्री रूप में प्रकट होता है, तो एक मिनट में उसका भयावह रूप या घृणित रूप सामने आ सकता है। कभी-कभी अचानक उनका रूप अत्यंत सुंदर भी दिखाई दे सकता है। इस प्रकार भूत का रूप किसी भी समय बदल सकता है।
क्या कोई भी भूत को देख सकता है?
महाराज जी के अनुसार, भूत केवल उसी व्यक्ति के सामने आते हैं जिनके द्वारा उनका कल्याण संभव हो। यदि भूत को लगता है कि देखने से व्यक्ति की मृत्यु या हानि हो सकती है, तो वे प्रकट नहीं होंगे। वे केवल वहां जाते हैं जहां अपना कल्याण संभव हो।
भूतों के जीवन की कठिनाई
भूतों की स्थिति अत्यंत कष्टकारी होती है। महाराज जी बताते हैं कि वे न तो पानी पी सकते हैं और न भोजन ले सकते हैं। केवल संतों के सामने वे अपना कल्याण प्राप्त करने के लिए आते हैं। इसके अलावा, भूतों का प्रभाव तमोगुण से युक्त प्राणियों पर ज्यादा होता है, यानी जो लोग गलत कर्मों में लिप्त रहते हैं।
भूतों से डरने की आवश्यकता नहीं
महाराज जी ने कहा कि भूत किसी को छू नहीं सकते। केवल व्यक्ति जो भगवान का नाम या मंत्र स्मरण कर रहा हो, वही सुरक्षित रह सकता है। उनका कहना है, 'भूत-पिशाच निकट नहीं आते।' भगवान और उनके भक्तों का नाम लेने से कोई भी नकारात्मक शक्ति पास नहीं आ सकती।