Edited By Radhika,Updated: 10 Mar, 2026 04:59 PM

आपने अक्सर यह देखा होगा कि एटीएम से हमें 500 या 200 रुपये के बड़े नोट ही मिलते हैं। इन बड़े नोटों को अक्सर ही छुट्टा करवाने की मुश्किल बनी रहती है। इस मुद्दे पर चल रही तमाम अटकलों को शांत करते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में स्थिति स्पष्ट की...
10, 20 और 50 Rs Note: आपने अक्सर यह देखा होगा कि एटीएम से हमें 500 या 200 रुपये के बड़े नोट ही मिलते हैं। इन बड़े नोटों को अक्सर ही छुट्टा करवाने की मुश्किल बनी रहती है। इस मुद्दे पर चल रही तमाम अटकलों को शांत करते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में स्थिति स्पष्ट की है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की कोई कमी नहीं है।
RBI ने शुरु किया पायलट प्रोजेक्ट
राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि पारंपरिक एटीएम मशीनों से आमतौर पर छोटे मूल्य के नोट नहीं निकलते हैं। हालांकि, आम जनता की सुविधा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 'स्मॉल वैल्यू डिस्पेंसर' नाम से एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। ये खास तरह की मशीनें होंगी जिनसे लोग आसानी से 10, 20 और 50 रुपये के नोट निकाल सकेंगे।

बाजार में छोटे नोटों का कैलकुलेशन
सरकार ने सदन में छोटे नोटों की आपूर्ति का पूरा ब्यौरा पेश किया। आंकड़ों के अनुसार-
· वित्तीय वर्ष 2025-26 (26 फरवरी तक): आरबीआई ने 10 रुपये के 439.40 करोड़, 20 रुपये के 193.70 करोड़ और 50 रुपये के 130.30 करोड़ नए नोट बाजार में भेजे हैं।
· पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) की तुलना: पिछले साल के मुकाबले इस बार 10 और 20 रुपये के नोटों की छपाई में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
कैसे तय होती है नोटों की संख्या?
वित्त राज्य मंत्री ने समझाया कि रिजर्व बैंक समय-समय पर अर्थव्यवस्था की जरूरतों का आकलन करता है और उसी के आधार पर सरकार को नोट छापने की सिफारिश भेजता है। छोटे लेनदेन के लिए नकदी की मांग को नोटों और सिक्कों के तालमेल से पूरा किया जाता है। साथ ही, अब कम मूल्य के भुगतान के लिए डिजिटल मोड का भी बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है।
डिजिटल लेनदेन में तेजी
एक अन्य जानकारी में बताया गया कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक रुपये केसीसी (RuPay KCC) कार्ड के जरिए 3.72 लाख डिजिटल ट्रांजेक्शन हुए हैं, जिनका कुल मूल्य 111.17 करोड़ रुपये रहा।