Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Mar, 2026 11:25 AM

भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना ने देश के करोड़ों गरीब परिवारों को बीमारी के समय एक बड़ा सहारा दिया है। सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है, खासकर तब जब अस्पताल का खर्च घर की आर्थिक कमर तोड़ देता है। लेकिन क्या...
Ayushman Bharat Yojana: भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना ने देश के करोड़ों गरीब परिवारों को बीमारी के समय एक बड़ा सहारा दिया है। सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है, खासकर तब जब अस्पताल का खर्च घर की आर्थिक कमर तोड़ देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पास आयुष्मान कार्ड होने का मतलब यह कतई नहीं है कि अस्पताल का हर बिल सरकार ही भरेगी? अक्सर लोग जानकारी के अभाव में अस्पताल पहुँच जाते हैं और बाद में बिल देखकर हैरान रह जाते हैं।
सिर्फ भर्ती होने पर ही मिलेगा 'मुफ्त' का साथ
इस योजना का सबसे बड़ा नियम यह है कि यह मुख्य रूप से अस्पताल में भर्ती (In-patient) होने वाले मामलों के लिए है। अगर आप सिर्फ डॉक्टर को सलाह लेने दिखाने गए हैं या सामान्य सर्दी-जुकाम के लिए ओपीडी (OPD) में दवाई लेने गए हैं, तो इसका खर्च आपको खुद उठाना होगा। जब तक डॉक्टर आपको एडमिट होने की सलाह नहीं देता, तब तक जांच और दवाइयों का खर्च इस कार्ड के दायरे में नहीं आता।
ब्यूटी और दिखावट के इलाज पर 'नो एंट्री'
आयुष्मान योजना जीवन बचाने वाली बीमारियों के लिए है, न कि खूबसूरती निखारने के लिए। अगर आप वजन घटाने की सर्जरी, नाक या चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी, टैटू हटवाना या कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट करवाना चाहते हैं, तो आयुष्मान कार्ड यहां काम नहीं आएगा। साथ ही, दांतों की सामान्य सफाई या कैविटी भरवाने जैसे रूटीन काम भी इसमें शामिल नहीं हैं, हालांकि गंभीर चोट या जबड़े की सर्जरी के मामले में छूट मिल सकती है।
फर्टिलिटी और आईवीएफ (IVF)
संतान प्राप्ति के लिए अपनाई जाने वाली आधुनिक तकनीकें जैसे IVF या अन्य फर्टिलिटी इलाज इस सरकारी स्कीम का हिस्सा नहीं हैं। इसके अलावा, टीकाकरण (Vaccination) और 2 साल से कम उम्र के बच्चों का खतना जैसे सामान्य प्रोसीजर भी इस मुफ्त सेवा की लिस्ट से बाहर रखे गए हैं।
टॉनिक और सप्लीमेंट्स का खर्चा जेब पर
अगर आप शरीर में सामान्य कमजोरी महसूस कर रहे हैं और विटामिन की गोलियां या हेल्थ टॉनिक लेना चाहते हैं, तो कार्ड पर इसकी उम्मीद न करें। सरकार केवल उन्हीं दवाइयों और सप्लीमेंट्स का खर्च उठाती है जो किसी गंभीर बीमारी के इलाज के दौरान जीवन बचाने के लिए अनिवार्य हों।
ये लोग नहीं बन सकते लाभार्थी
यह योजना केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए है। निम्नलिखित लोग इसके पात्र नहीं हैं:
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सरकारी कर्मचारी।
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इनकम टैक्स (आयकर) भरने वाले व्यक्ति।
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संगठित क्षेत्र के कर्मचारी जिनका PF (प्रोविडेंट फंड) कटता है।
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ESIC का लाभ लेने वाले कर्मचारी।