Edited By Tanuja,Updated: 18 Apr, 2026 12:20 PM

बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास को एक पुराने केस में जमानत मिल गई है, लेकिन अन्य गंभीर मामलों, खासकर हत्या और देशद्रोह के आरोपों के कारण वे अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। पुलिस का दावा है कि हिंसा में उनकी भूमिका थी।
Dhaka: बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय दास की मुश्किलें बरकरार हैं ।बांग्लादेश के चटगांव में एक अदालत ने हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास को एक मामले में जमानत दे दी है। यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट सखावत हुसैन ने सुनाया।जिस मामले में उन्हें जमानत मिली, वह 2023 का है। इसमें जमीन कब्जाने, धमकाने और मारपीट के आरोप लगाए गए थे। यह केस पूर्व मंत्री मीर मोहम्मद नासिर उद्दीन की शिकायत पर दर्ज हुआ था। इस केस में कुल छह लोगों को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, जमानत मिलने के बावजूद चिन्मय दास जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।
इसका कारण यह है कि उनके खिलाफ अन्य गंभीर मामले भी चल रहे हैं। सबसे बड़ा मामला 26 नवंबर 2024 की हिंसा से जुड़ा है। इस दौरान एक वकील सैफुल इस्लाम की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद उनके पिता ने कई लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया।पुलिस का आरोप है कि यह हिंसा चिन्मय कृष्ण दास के उकसाने पर हुई थी। इस मामले में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और अदालत ने इसे स्वीकार भी कर लिया है। अब इस केस में गवाहों की गवाही चल रही है। इसी कारण एक केस में जमानत मिलने के बावजूद चिन्मय कृष्ण दास को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।