Edited By Mansa Devi,Updated: 08 Jan, 2026 12:39 PM

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के IPL से खिलाड़ी को बाहर करने के फैसले के विरोधस्वरूप बांग्लादेश ने भारत के लिए सभी वीजा सेवाएं निलंबित कर दी हैं। हालांकि, छात्रों और व्यापारिक वीजा सेवाएं जारी रहेंगी।
नेशनल डेस्क: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के IPL से खिलाड़ी को बाहर करने के फैसले के विरोधस्वरूप बांग्लादेश ने भारत के लिए सभी वीजा सेवाएं निलंबित कर दी हैं। हालांकि, छात्रों और व्यापारिक वीजा सेवाएं जारी रहेंगी। बांग्लादेश सरकार ने दिल्ली, आगरतला, मुंबई, गुवाहाटी और चेन्नई में स्थित अपने दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को सामान्य वीजा सेवाएं बंद करने का आदेश दिया है। इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का परिणाम माना जा रहा है।
भारत ने पहले ही निलंबित की थी वीजा सेवाएं
इससे पहले भारत ने बांग्लादेश में बढ़ते तनाव के चलते अपनी वीजा सेवाएं निलंबित कर दी थीं। बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन और हिंसा के बाद, प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारेबाजी की और भारतीय दूतावास तथा उच्च आयोग के कार्यालय पर भी हमला किया। इसके चलते भारत ने चटगांव स्थित इंडियन वीजा एप्लिकेशन सेंटर (IVAC) बंद कर दिया और अपनी वीजा सेवाएं अगले आदेश तक निलंबित कर दीं।
बांग्लादेश ने फैसला क्यों लिया
बांग्लादेश में हाल ही में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों के विरोध में भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से बांग्लादेशी बॉलर मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर किया। इसके विरोध में बांग्लादेश सरकार ने भारत के लिए वीजा सेवाओं को निलंबित कर दिया और T20 वर्ल्ड कप में खेलने से भी भारत को रोक दिया। हालांकि, BCCI ने बांग्लादेश का प्रस्ताव खारिज कर दिया है, लेकिन बांग्लादेश टीम अभी भी खेलने के लिए सहमत नहीं है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव
शेख हसीना की सरकार के विरोध और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी के बाद से ही भारत और बांग्लादेश के रिश्ते तनावपूर्ण हैं। भारत ने शेख हसीना को पनाह दी है, जबकि बांग्लादेश ने उनकी वापसी की अपील की थी। हाल ही में उस्मान हादी की हत्या के बाद प्रदर्शनकारियों की भारत विरोधी गतिविधियों ने स्थिति और बिगाड़ दी। इसके चलते बांग्लादेश ने भारत में तैनात अपने हाई कमिश्नर को भी अचानक वापस बुला लिया।