क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए बड़ी खबर, हो सकती है जेल... जानें क्या है पूरा मामला

Edited By Updated: 25 Feb, 2026 07:34 PM

big news for credit card users they could face jail time

आज के समय में क्रेडिट कार्ड लग्जरी नहीं, जरूरत बन चुका है। ऑनलाइन खरीदारी, ट्रैवल बुकिंग, होटल पेमेंट या मेडिकल खर्च- हर जगह लोग कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन असली टेंशन तब शुरू होती है जब बिल बनने के बाद खाते में पैसे कम पड़ जाएं।

नेशनल डेस्क : आज के समय में क्रेडिट कार्ड लग्जरी नहीं, जरूरत बन चुका है। ऑनलाइन खरीदारी, ट्रैवल बुकिंग, होटल पेमेंट या मेडिकल खर्च- हर जगह लोग कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन असली टेंशन तब शुरू होती है जब बिल बनने के बाद खाते में पैसे कम पड़ जाएं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है- अगर क्रेडिट कार्ड का बकाया समय पर नहीं चुकाया तो क्या पुलिस पकड़ सकती है? क्या जेल जाना पड़ सकता है?

सिर्फ लेट पेमेंट पर जेल नहीं

सबसे जरूरी बात- क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर न भरना अपने आप में कोई अपराध (क्रिमिनल ऑफेंस) नहीं है। यह पैसों के लेन-देन से जुड़ा सिविल मामला होता है। आमतौर पर प्रक्रिया इस तरह चलती है:

  • बैंक या कार्ड कंपनी पहले मैसेज, ईमेल या कॉल से याद दिलाती है।
  • भुगतान न होने पर लेट फीस और ब्याज जोड़ दिया जाता है।
  • कई महीनों तक बकाया रहने पर मामला सिविल कोर्ट तक जा सकता है।

कोर्ट वसूली (रिकवरी) का आदेश दे सकती है, लेकिन केवल पेमेंट लेट होने की वजह से सीधे गिरफ्तारी नहीं होती।

किन हालात में बन सकता है आपराधिक मामला?

गिरफ्तारी का जोखिम तभी पैदा होता है जब मामला धोखाधड़ी से जुड़ा हो। उदाहरण के तौर पर:

  • कार्ड बनवाते समय फर्जी दस्तावेज देना
  • आय (इनकम) की गलत जानकारी देना
  • शुरुआत से ही भुगतान न करने की नीयत रखना

अगर जांच में यह साबित हो जाए कि व्यक्ति का इरादा ही बैंक को धोखा देने का था, तो मामला आपराधिक बन सकता है। ऐसी स्थिति में पुलिस जांच और कोर्ट की सख्त प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यानी साधारण देरी और जानबूझकर किया गया फ्रॉड- दोनों अलग चीजें हैं।

बिल न चुकाने के असली नुकसान

भले ही हर मामले में जेल का खतरा न हो, लेकिन इसके गंभीर वित्तीय असर जरूर होते हैं:

क्रेडिट स्कोर पर चोट : एक-दो महीने की देरी भी आपके क्रेडिट स्कोर को गिरा सकती है। इससे भविष्य में होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लेना मुश्किल हो सकता है।
बढ़ता हुआ कर्ज : लेट फीस और ऊंची ब्याज दर के कारण बकाया राशि तेजी से बढ़ती जाती है।
रिकवरी कॉल्स : लंबे समय तक भुगतान न करने पर रिकवरी एजेंट संपर्क कर सकते हैं। उन्हें कानूनी दायरे में रहकर ही बात करनी होती है, लेकिन लगातार कॉल मानसिक दबाव जरूर बना सकते हैं।

क्या करें अगर बिल भरने में दिक्कत हो?

  • बैंक से बात कर किस्तों (EMI) में भुगतान का विकल्प पूछें।
  • मिनिमम ड्यू से ज्यादा रकम चुकाने की कोशिश करें।
  • नया कर्ज लेकर पुराना कर्ज चुकाने से बचें।

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