Edited By Anu Malhotra,Updated: 30 Jul, 2026 02:15 PM

बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (BWSSB) की चेयरपर्सन डॉ. एन. मंजुला ने गुरुवार को कहा कि अगर कर्नाटक में पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो राज्य की राजधानी में अगले पांच से छह महीनों में पीने के पानी की कमी हो सकती है। पत्रकारों से बात करते हुए मंजुला...
बेंगलुरु: बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (BWSSB) की चेयरपर्सन डॉ. एन. मंजुला ने गुरुवार को कहा कि अगर कर्नाटक में पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो राज्य की राजधानी में अगले पांच से छह महीनों में पीने के पानी की कमी हो सकती है। पत्रकारों से बात करते हुए मंजुला ने कहा कि कृष्णराज सागर (KRS) जलाशय में अभी कुल 20 TMC पानी जमा है, जिसमें से पीने के पानी के लिए सिर्फ़ 14 से 15 TMC पानी ही उपलब्ध है।
उन्होंने कहा, "औसतन, बेंगलुरु को हर महीने लगभग 2.2 TMC पानी की ज़रूरत होती है। अगर उपलब्ध पानी सिर्फ़ शहर के लिए रखा जाए, तो यह लगभग पांच से छह महीने के लिए काफ़ी होगा। हालांकि, KRS से दूसरे शहरों और कस्बों को भी पानी की आपूर्ति की जाती है, और इस बात का भी ध्यान रखना होगा।" BWSSB चेयरपर्सन ने चेतावनी दी कि मौजूदा मॉनसून के दौरान लंबे समय तक बारिश की कमी से राज्य की राजधानी में पानी का संकट पैदा हो सकता है।
उन्होंने कहा, "अगर अच्छी बारिश नहीं हुई, तो बेंगलुरु में पानी की कमी हो जाएगी। हम स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।" मंजुला ने कहा कि BWSSB ने पानी की कमी वाले इलाकों में टैंकरों के ज़रिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपनी "संचारी कावेरी" पहल पहले ही शुरू कर दी है। अभी हर दिन लगभग 150 से 200 टैंकर फेरे लगाए जा रहे हैं, जबकि ज़रूरत पड़ने पर बोर्ड के पास रोज़ाना लगभग 1,000 फेरे तक काम बढ़ाने की क्षमता है।
उन्होंने कहा, "हम पिछले दो महीनों से स्थिति पर नज़र रख रहे हैं। अभी टैंकर के पानी की मांग बहुत ज़्यादा नहीं है।" नागरिकों से ज़िम्मेदारी से पानी का इस्तेमाल करने की अपील करते हुए मंजुला ने निवासियों से पानी की बर्बादी से बचने और एहतियात के तौर पर पानी बचाने के उपाय अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने मौसम के पूर्वानुमान को लेकर उम्मीद भी जताई, जिसमें पश्चिमी घाट और कावेरी जलग्रहण क्षेत्रों में मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की गई है, जिससे KRS जलाशय में पानी की आवक बढ़ने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, "कावेरी बेसिन में मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की गई है और पानी की आवक जारी है। हमें यह देखने के लिए इंतज़ार करना होगा कि आने वाले हफ़्तों में स्थिति कैसे बदलती है।" उनके ये बयान कर्नाटक के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश और बेंगलुरु में पीने के पानी की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंता के बीच आए हैं, खासकर तब जब प्रमुख जलाशयों में मॉनसून का पानी अपर्याप्त बना हुआ है।
गौरतलब है कि कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) ने कर्नाटक को 29 जुलाई से 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया था, जो कुल मिलाकर लगभग 4 TMCft होता है। पानी के भंडारण में भारी कमी के कारण कर्नाटक ने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के समक्ष इस निर्देश को चुनौती दी है। यह मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है, जिसमें भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर CWRC के समक्ष कर्नाटक राज्य के हितों को प्रभावी ढंग से पेश करने में विफल रहने का आरोप लगाया है।