Edited By Rohini Oberoi,Updated: 05 Jan, 2026 12:37 PM

क्या आपके और आपके पार्टनर के बीच अक्सर छोटी-छोटी बातों पर तकरार होती है? क्या आपको डर है कि कहीं यह अनबन ब्रेकअप तक न पहुंच जाए? अगर हां तो मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक ऐसा स्थान है जो आपके रिश्तों में फिर से मिठास घोल सकता है। हम बात कर रहे...
The gift of lovers: क्या आपके और आपके पार्टनर के बीच अक्सर छोटी-छोटी बातों पर तकरार होती है? क्या आपको डर है कि कहीं यह अनबन ब्रेकअप तक न पहुंच जाए? अगर हां तो मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक ऐसा स्थान है जो आपके रिश्तों में फिर से मिठास घोल सकता है। हम बात कर रहे हैं भदैया कुंड की जिसे 'प्रेमियों का वरदान' कहा जाता है। शिवपुरी शहर से महज 2 किलोमीटर दूर स्थित यह कुंड अपनी एक अनोखी मान्यता के लिए दुनिया भर में मशहूर हो रहा है। माना जाता है कि यहां के झरने के नीचे साथ नहाने से जोड़ों के बीच के सारे गिले-शिकवे दूर हो जाते हैं।
'लव वॉटर' का अनोखा चमत्कार
भदैया कुंड की ख्याति अब भारत तक सीमित नहीं है। यहां की मान्यताओं का असर ऐसा है कि विदेशी भी इसके मुरीद हैं। यहां के पानी को लोग इतना पवित्र मानते हैं कि इसे बोतलों में भरकर 'लव वॉटर' (Love Water) के नाम से विदेशों में भेजा जाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पानी में कुछ ऐसी औषधीय या दैवीय शक्तियां हैं जो मन को शांति प्रदान करती हैं और आपसी कड़वाहट को खत्म कर प्यार बढ़ाती हैं।

क्या है इसके पीछे की पौराणिक कहानी?
इस कुंड का इतिहास और इसकी मान्यताएं सदियों पुरानी हैं। कहा जाता है कि प्राचीन काल में दो प्रेमियों ने यहां कठिन तपस्या की थी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें वरदान मिला कि जो भी जोड़ा यहां श्रद्धा से स्नान करेगा उनका प्रेम हमेशा अमर रहेगा। माना जाता है कि यह कुंड लगभग 1200 साल पुराना है। पौराणिक कथाओं के अनुसार महाभारत काल में अर्जुन ने जिन 52 कुंडों का निर्माण किया था भदैया कुंड उनमें से एक है।

प्रकृति और सुकून का संगम
भदैया कुंड सिर्फ मान्यताओं के लिए ही नहीं बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। ऊंची चट्टानों से गिरता दूधिया पानी और चारों ओर फैली हरियाली इसे एक परफेक्ट पिकनिक स्पॉट और रोमांटिक डेस्टिनेशन बनाती है। मनोवैज्ञानिकों का भी मानना है कि जब कपल्स शहरी भागदौड़ से दूर प्रकृति के शांत वातावरण में समय बिताते हैं तो उनके बीच का तनाव स्वाभाविक रूप से कम हो जाता है।

कब जाना रहेगा सबसे बेहतर?
भदैया कुंड घूमने का सबसे सही समय मानसून (जुलाई से सितंबर) के दौरान होता है। इस समय कुंड पानी से लबालब भरा रहता है और झरने का वेग देखने लायक होता है। भारी संख्या में कपल्स और पर्यटक इस दौरान यहां अपनी किस्मत आजमाने और सुकून के पल बिताने पहुंचते हैं।