Edited By Pardeep,Updated: 08 Jun, 2026 09:44 PM

केंद्र की NDA सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को तगड़ा झटका देते हुए सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर की संख्या में बड़ी कटौती की है।
नई दिल्ली: केंद्र की NDA सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को तगड़ा झटका देते हुए सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर की संख्या में बड़ी कटौती की है। सरकार के नए नियमों के मुताबिक, अब लाभार्थियों को साल भर में 9 की जगह केवल 4 सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा। इस फैसले का सीधा असर देश के लगभग 10.5 करोड़ परिवारों पर पड़ेगा।
औसत खपत को बताया कटौती का आधार
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खनूजा के अनुसार, यह बदलाव लाभार्थियों की औसत वार्षिक गैस खपत को ध्यान में रखते हुए किया गया है। गौरतलब है कि 2016 में योजना की शुरुआत के समय लाभार्थियों को साल में 12 सिलेंडर मिलते थे, जिसे पिछले साल घटाकर 9 कर दिया गया था और अब इसे और कम करके 4 कर दिया गया है।
बढ़ती कीमतों के बीच राहत की कोशिश
वर्तमान में दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये तक पहुंच गई है। हालांकि, सरकार उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी दे रही है, जिससे उन्हें एक सिलेंडर लगभग 642 रुपये में पड़ता है। यह सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
सरकारी खजाने पर बोझ और वैश्विक संकट
अधिकारी ने जानकारी दी कि सरकार को एक सिलेंडर की आपूर्ति पर लगभग 1,600 रुपये का खर्च आता है, जिसमें से करीब 1,000 रुपये की सहायता सब्सिडी के रूप में दी जाती है। वर्ष 2022 से अब तक सरकार करीब 52,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे चुकी है।
सरकार का तर्क है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव हो रहा है। पेट्रोलियम कंपनियों को एलपीजी की बिक्री पर प्रति सिलेंडर लगभग 700 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद, सरकार का दावा है कि भारत में घरेलू एलपीजी की कीमतें वैश्विक स्तर की तुलना में अब भी काफी कम हैं।