Edited By Parveen Kumar,Updated: 15 Feb, 2026 12:11 AM

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में पुरुषों की सेहत पर लाइफस्टाइल का गहरा असर पड़ रहा है। इसका सीधा प्रभाव प्रजनन क्षमता यानी स्पर्म क्वॉलिटी पर भी देखा जा रहा है। स्वस्थ स्पर्म का मतलब है पर्याप्त संख्या, सही संरचना और बेहतर गतिशीलता, जो गर्भधारण की...
नेशनल डेस्क : आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में पुरुषों की सेहत पर लाइफस्टाइल का गहरा असर पड़ रहा है। इसका सीधा प्रभाव प्रजनन क्षमता यानी स्पर्म क्वॉलिटी पर भी देखा जा रहा है। स्वस्थ स्पर्म का मतलब है पर्याप्त संख्या, सही संरचना और बेहतर गतिशीलता, जो गर्भधारण की संभावना बढ़ाती है। वहीं, कमजोर स्पर्म न सिर्फ कंसीव करने में दिक्कत पैदा कर सकते हैं, बल्कि यह हार्मोनल असंतुलन, थकान और मानसिक तनाव का संकेत भी हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, गलत खानपान, बढ़ता तनाव और अनियमित दिनचर्या शरीर के भीतर ऐसे बदलाव लाते हैं जो धीरे-धीरे रिप्रोडक्टिव हेल्थ को प्रभावित करते हैं। ऐसे में समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
कौन-सी आदतें बन रही हैं खतरे की वजह?
- राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि के मुताबिक, कुछ सामान्य दिखने वाली आदतें लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकती हैं।
- धूम्रपान और शराब का सेवन स्पर्म काउंट और उनकी एक्टिविटी कम कर सकता है।
- लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप को गोद में रखकर इस्तेमाल करना हानिकारक माना जाता है।
- अत्यधिक तनाव हार्मोनल संतुलन बिगाड़ सकता है, जिससे स्पर्म प्रोडक्शन प्रभावित होता है।
- नींद की कमी और देर रात तक जागना भी प्रजनन स्वास्थ्य पर असर डालता है।
- जंक फूड और पोषण की कमी शरीर को जरूरी तत्वों से वंचित कर देती है।
- शारीरिक गतिविधि की कमी और घंटों बैठे रहना भी जोखिम बढ़ा सकता है।
सुधार कैसे संभव है?
- स्पर्म क्वॉलिटी बेहतर करने के लिए जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव जरूरी है।
- संतुलित आहार लें, जिसमें ताजे फल, हरी सब्जियां और प्रोटीन शामिल हों।
- रोजाना हल्की एक्सरसाइज या योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
- पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने की कोशिश करें।
- भरपूर पानी पिएं और नशे से दूरी बनाए रखें।
- जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लें।
इन बातों का भी रखें ध्यान
नियमित हेल्थ चेकअप, वजन नियंत्रण और शरीर को अत्यधिक गर्मी से बचाना भी जरूरी है। टाइट कपड़े पहनने से बचें और साफ-सुथरी जीवनशैली अपनाएं। सकारात्मक सोच और धैर्य भी प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।