Edited By Rohini Oberoi,Updated: 06 Apr, 2026 01:21 PM

कुदरत के खेल और इंसानी रिश्तों की एक ऐसी दास्तां सामने आई है जिसे सुनकर किसी फिल्म की पटकथा भी छोटी लगने लगे। पंजाब के कपूरथला से 25 साल पहले लापता हुआ एक शख्स उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नहटौर में जीवित मिला है। इस खबर ने जहां एक परिवार को...
Man Found Alive After 25 Years Missing Bijnor : कुदरत के खेल और इंसानी रिश्तों की एक ऐसी दास्तां सामने आई है जिसे सुनकर किसी फिल्म की पटकथा भी छोटी लगने लगे। पंजाब के कपूरथला से 25 साल पहले लापता हुआ एक शख्स उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नहटौर में जीवित मिला है। इस खबर ने जहां एक परिवार को खुशियों से भर दिया है वहीं रिश्तों के सामने एक धर्मसंकट भी खड़ा कर दिया है।
बाजार में लावारिस हालत में मिला हंसा सिंह
तीन दिन पहले नहटौर के नया बाजार में पुलिस को एक अधेड़ शख्स फटे हुए कपड़ों और बढ़ी हुई दाढ़ी के साथ बदहवास हालत में घूमता मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उससे पूछताछ की। टूटी-फूटी भाषा में उस व्यक्ति ने अपना नाम हंसा सिंह और पता पंजाब के कपूरथला जिले का शिवदयाल वाला गांव बताया। नहटौर पुलिस ने गूगल मैप्स और पंजाबी जानकारों की मदद से कपूरथला पुलिस से संपर्क साधा और महज 72 घंटों के भीतर हंसा के भाई और गांव के सरपंच को बिजनौर बुला लिया।
25 साल का इंतज़ार और रिश्तों की उलझन
हंसा सिंह की शादी के महज 2 साल बाद ही वह अचानक गायब हो गया था। परिवार ने सालों तक उसे तलाश किया लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो सबने उसे मृत मान लिया। हंसा की पत्नी विमला देवी के भविष्य को देखते हुए परिजनों ने उसकी शादी हंसा के छोटे भाई सुखा सिंह से कर दी। पिछले 22 सालों से विमला अपने देवर (अब पति) सुखा सिंह के साथ रह रही हैं। उनके तीन बच्चे हैं और एक बेटी की शादी भी हो चुकी है। अब 25 साल बाद जब पहला पति (हंसा) अचानक सामने खड़ा हो गया, तो विमला और पूरा परिवार इस उलझन में है कि आखिर इस रिश्ते को अब क्या नाम दिया जाए।
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बुजुर्ग मां की पुकार: अब चैन से मर सकूंगी
हंसा की वापसी की खबर जब पंजाब पहुंची तो उसकी बुजुर्ग मां जट्टो कौर के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। फोन पर बेटे की आवाज सुनते ही उन्होंने कहा, "मरने से पहले मेरा लाल मिल गया, अब मैं सुकून से इस दुनिया से जा सकूंगी।" पुलिस ने हंसा को नहलाकर, नए कपड़े पहनाकर सम्मान के साथ उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
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पुलिस की संवेदनशीलता की मिसाल
नहटौर पुलिस की इस मानवीय पहल की हर तरफ तारीफ हो रही है। जिसे लोग राह चलता भिखारी समझकर नजरअंदाज कर रहे थे पुलिस ने उसे उसके परिवार से मिलवाकर एक मिसाल पेश की है। फिलहाल हंसा सिंह अपने भाइयों के साथ पंजाब रवाना हो गए हैं लेकिन पीछे छोड़ गए हैं एक ऐसी सामाजिक और कानूनी पहेली जिसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है।