प्रधानमंत्री को लिखे खरगे के पत्र पर भाजपा का जवाब असहिष्णुता का उदाहरण: चिदंबरम

Edited By Updated: 11 Jun, 2023 12:15 AM

bjp s reply to kharge s letter is an example of intolerance

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि बालासोर रेल हादसे के बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे गए पत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चार सांसदों का जवाबी पत्र लिखना आलोचना के प्रति...

नेशनल डेस्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि बालासोर रेल हादसे के बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे गए पत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चार सांसदों का जवाबी पत्र लिखना आलोचना के प्रति भगवा दल की ‘पूर्ण असहिष्णुता' का एक और उदाहरण है। चिदंबरम ने कहा कि खरगे के जवाब में भाजपा सांसदों का पत्र ‘‘तथ्यों के आधार पर सतही और तर्कों के आधार पर खोखला है।''

बालासोर रेल हादसे के बाद खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए इस मामले के सभी पहलुओं की जांच की मांग की थी और कहा था कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच से ‘‘तकनीकी, संस्थागत और राजनीतिक विफलताओं'' की जवाबदेही तय नहीं हो सकती। इसके बाद कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा समेत भाजपा के चार सांसदों ने खरगे को लिखे जवाबी पत्र में कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष के पत्र में बयानबाजी ज्यादा थी और तथ्य बहुत कम थे।
 

चिदंबरम ने इसी को लेकर शनिवार को ट्वीट किया, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री को कांग्रेस अध्यक्ष खरगे जी के पत्र पर भाजपा के चार सांसदों की प्रतिक्रिया किसी भी आलोचना के प्रति भाजपा की पूर्ण असहिष्णुता का एक और उदाहरण है। खरगे राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं, उन्हें माननीय प्रधानमंत्री को पत्र लिखने का अधिकार है। एक जीवंत लोकतंत्र में लोग माननीय प्रधानमंत्री से पत्र के उत्तर की अपेक्षा करते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लोकतंत्र ऐसा है कि माननीय प्रधानमंत्री इसे जवाब देने के लायक नहीं समझेंगे।

इसके बजाय, भाजपा के चार सांसद खुद ऐसा जवाब भेजने की जिम्मेदारी लेते हैं, जो तथ्यों के आधार पर सतही और तर्कों के आधार पर खोखला है।'' भाजपा सांसदों के पत्र के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि खरगे ना केवल कांग्रेस के एक निर्वाचित अध्यक्ष हैं, बल्कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं और ‘‘हमारे जैसे चुनावी संसदीय लोकतंत्र में, जब वह प्रधानमंत्री को रेल दुर्घटना जैसे गंभीर मुद्दे पर पत्र लिखते हैं, तो इस संबंध में प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए।'' ओडिशा में हुए रेल हादसे में 288 यात्रियों की मौत हुई थी।

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