Edited By Tanuja,Updated: 17 Jun, 2026 07:55 PM

ओमान के तट के पास MT Settebello पर हुए हमले में मारे गए दो भारतीय नाविकों के पार्थिव शरीर भारत भेज दिए गए हैं। इस घटना में तीन भारतीयों की मौत हुई थी जबकि 21 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारत ने इस मामले पर अमेरिका के समक्ष कड़ा...
International Desk: ओमान के तट के पास हुए MT Settebello जहाज हमले में जान गंवाने वाले दो भारतीय नाविकों के पार्थिव शरीर स्वदेश भेज दिए गए हैं। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को इसकी पुष्टि करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। दूतावास ने बताया किआदित्य शर्मा और शिवानंद चौरसिया के पार्थिव शरीर भारत भेज दिए गए हैं। दोनों की मौत MT Settebello पर हुए हमले में हुई थी। ओमान स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, जहाज पर सवार 21 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया और वे सुरक्षित भारत लौट रहे हैं। भारत के राजदूत Prashant Pise ने रवाना होने से पहले चालक दल के सदस्यों से मुलाकात की और कठिन परिस्थितियों में उनके साहस और धैर्य की सराहना की।
MT Settebello पर हमला उस समय हुआ जब यह जहाज ओमान के सोहार तट से लगभग 30 समुद्री मील दूर था। जहाज पर कुल 24 भारतीय नागरिक सवार थे। घटना के बाद ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र को सूचना दी गई, जिसके बाद खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। इस अभियान में 21 भारतीयों को बचा लिया गया, जबकि तीन नाविकों की मौत हो गई। घटना के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के समक्ष कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो( Marco Rubio) से बातचीत कर भारतीय नागरिकों की मौत पर गंभीर चिंता जताई। इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने भारत में अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी जेसन मीक्स को तलब कर विरोध दर्ज कराया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि नागरिक जहाजों पर घातक सैन्य बल का इस्तेमाल अस्वीकार्य है और इससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा, स्थिरता और कानून आधारित व्यवस्था को नुकसान पहुंचता है। भारत ने अमेरिका से मांग की है कि क्षेत्र में तैनात उसकी सेनाएं भविष्य में ऐसे कदम उठाएं जिससे निर्दोष नागरिकों की जान न जाए। अमेरिकी सेना की United States Central Command ने जहाज पर कार्रवाई की पुष्टि की है। CENTCOM के अनुसार, MT Settebello कथित रूप से अमेरिकी निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था और ईरानी तेल ले जा रहा था, जो अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आता है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि चालक दल को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन निर्देशों का पालन न होने पर कार्रवाई की गई। हालांकि भारतीय पक्ष ने इस घटना में नागरिकों की मौत को गंभीर और टाला जा सकने वाला नुकसान बताया है।