Edited By Sanjeev,Updated: 14 Oct, 2026 08:30 AM

भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता कार्तिक रेड्डी पटलोल्ला ने आरोप लगाया कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के नाम पर ज़मीन का अधिग्रहण कर रही है, जबकि केंद्र सरकार ने न तो इसका अलाइनमेंट तय किया है और न ही जमीन अधिग्रहण के लिए कोई...
हैदराबाद (तेलंगाना) : भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता कार्तिक रेड्डी पटलोल्ला ने आरोप लगाया कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के नाम पर ज़मीन का अधिग्रहण कर रही है, जबकि केंद्र सरकार ने न तो इसका अलाइनमेंट तय किया है और न ही जमीन अधिग्रहण के लिए कोई मांग (रिक्विजिशन) भेजी है।
पटलोल्ला ने कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ कर दिया था कि राज्य सरकारों को कोई मांग नोटिस नहीं भेजा गया है, क्योंकि बुलेट ट्रेन का अलाइनमेंट अभी भी स्टडी और सर्वे के दौर में है। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में कांग्रेस की तेलंगाना सरकार ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के नाम पर जमीन अधिग्रहण के लिए नोटिफिकेशन जारी किए हैं। कुछ दिन पहले रेल मंत्री ने बिल्कुल साफ कर दिया था कि राज्य सरकारों को ऐसा कोई मांग नोटिस नहीं भेजा गया है। अलाइनमेंट अभी भी स्टडी और सर्वे के दौर में है और कोई भी अलाइनमेंट तय नहीं किया गया है।'
उन्होंने कहा, 'एक बार बुलेट ट्रेन का रूट तय हो जाने के बाद रेल मंत्रालय राज्य सरकारों को एक औपचारिक अनुरोध भेजेगा, जिसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। अगर उससे पहले बुलेट ट्रेन के नाम पर जमीन का अधिग्रहण किया जाता है, तो उसे गैर-कानूनी माना जाएगा।' तेलंगाना सरकार पर अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण का आरोप लगाते हुए BRS नेता ने दावा किया कि लाखों एकड़ जमीन प्रभावित हुई है और लगभग एक करोड़ एकड़ जमीन को सेक्शन 22A के तहत रखा गया है। उन्होंने कहा, 'अब, तेलंगाना सरकार के मामले को देखते हैं। वह अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के बहाने हर तरफ जमीन का अधिग्रहण कर रही है। लाखों एकड़ जमीन प्रभावित हुई है। लगभग एक करोड़ एकड़ जमीन को सेक्शन 22A के तहत रखा गया है।'
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राज्य में किसान सूखे का सामना कर रहे हैं, जबकि सरकार उन प्रोजेक्ट्स के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण कर रही है जिन्हें उन्होंने गैर-जरूरी बताया। पटलोला ने कहा, 'हम इस जमीन अधिग्रहण का विरोध करेंगे क्योंकि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को ऐसा कोई औपचारिक अनुरोध नहीं भेजा है। बुलेट ट्रेन के बहाने जो जमीन अधिग्रहित की जा रही है, उसका मकसद सिर्फ रियल एस्टेट है, और कुछ नहीं।'