Edited By Rohini Oberoi,Updated: 01 Feb, 2026 11:26 AM

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश कर इतिहास रच दिया। यह उनका लगातार नौवां बजट है। अपने संबोधन की शुरुआत में वित्त मंत्री ने पिछले 12 वर्षों की आर्थिक स्थिरता का जिक्र करते हुए कहा कि...
Union Budget 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश कर इतिहास रच दिया। यह उनका लगातार नौवां बजट है। अपने संबोधन की शुरुआत में वित्त मंत्री ने पिछले 12 वर्षों की आर्थिक स्थिरता का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने बातों के बजाय काम और नारेबाजी के बजाय सुधार को प्राथमिकता दी है। इस बार के बजट में वैश्विक चुनौतियों से निपटने और घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई बड़े क्रांतिकारी बदलावों का संकेत दिया गया है।
GST 2.0 का आगाज: टैक्स ढांचा होगा आसान
इस बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक 'GST 2.0' है। सरकार अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) व्यवस्था को और अधिक सरल बनाने जा रही है। अब जीएसटी के कई स्लैब के बजाय मुख्य रूप से दो ही रेट— 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत रखने का लक्ष्य है। आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स की दरों में कटौती की गई है जिससे आम आदमी के जीवन यापन की लागत (Cost of Living) कम होगी। व्यापारियों के लिए टैक्स भरने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि लागत कम हो सके।
वैश्विक संकट और निर्यात पर जोर
वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि वर्तमान में वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन बाधित है। खासकर अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद भारत के लिए निर्यात की चुनौती बढ़ गई है।
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निर्यात को बढ़ावा: बजट में निर्यात वृद्धि (Export Growth) पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की पैठ बनी रहे।
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तकनीक और संसाधन: उत्पादन प्रणालियों को नई तकनीकों से लैस करने और ऊर्जा, जल व खनिजों की बढ़ती मांग को संतुलित करने पर जोर दिया गया है।
राजकोषीय अनुशासन
संवैधानिक प्रावधानों के तहत वित्त मंत्री ने FRBM एक्ट, 2003 के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट सदन के पटल पर रखीं:
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मीडियम-टर्म फिस्कल पॉलिसी स्टेटमेंट: इसमें मध्यम अवधि के लिए सरकार की वित्तीय रणनीति का विवरण है।
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मैक्रो-इकोनॉमिक फ्रेमवर्क स्टेटमेंट: यह देश की समग्र अर्थव्यवस्था की सेहत का आईना है।
बजट सत्र का खाका
संसद का यह बजट सत्र कुल 65 दिनों तक चलेगा जिसमें 30 बैठकें होंगी।