Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 Feb, 2026 11:26 AM

कैंसर जैसी घातक बीमारी के खिलाफ विज्ञान की दुनिया से एक क्रांतिकारी खबर सामने आ रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि जिस तेजी से मामले बढ़ रहे हैं, आने वाले सालों में यह बीमारी और भी विकराल रूप ले सकती है। ऐसे में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक खोजी है,...
नेशनल डेस्क: कैंसर जैसी घातक बीमारी के खिलाफ विज्ञान की दुनिया से एक क्रांतिकारी खबर सामने आ रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि जिस तेजी से मामले बढ़ रहे हैं, आने वाले सालों में यह बीमारी और भी विकराल रूप ले सकती है। ऐसे में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक खोजी है, जिसमें बाहर से दी जाने वाली भारी दवाओं के बजाय हमारे शरीर के भीतर रहने वाले सूक्ष्म जीव यानी बैक्टीरिया ही कैंसर का खात्मा करेंगे।
पाचन तंत्र के छोटे रक्षक: गट माइक्रोबायोम
हालिया शोध में यह खुलासा हुआ है कि हमारे पेट के भीतर मौजूद 'गट माइक्रोबायोम' का संसार केवल भोजन पचाने तक सीमित नहीं है। ये बैक्टीरिया कैंसर की घातक कोशिकाओं की पहचान करने और उन्हें खत्म करने में हमारे शरीर की रक्षा प्रणाली का साथ देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, 'इम्यूनोथेरेपी' जैसे आधुनिक उपचारों का असर भी काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज के शरीर में इन अच्छे बैक्टीरिया की संख्या कितनी है।
बैक्टीरिया कैसे करते हैं कैंसर का शिकार?
सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन विज्ञान ने इसे सच कर दिखाया है। हमारे पेट के अच्छे बैक्टीरिया शरीर के सुरक्षा तंत्र यानी इम्यून सिस्टम को गुप्त संदेश भेजते हैं। इससे शरीर की रक्षक कोशिकाएं (T-cells) इतनी सक्रिय हो जाती हैं कि वे कैंसर की गांठों को ढूंढकर उन पर सीधा हमला कर देती हैं। रिसर्च बताती है कि जिन लोगों के पेट का स्वास्थ्य बेहतर था, उन पर कैंसर की दवाओं का प्रभाव साधारण मरीजों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा देखा गया।
भविष्य का इलाज: बिना कीमोथेरेपी की उम्मीद
यह नई खोज कैंसर के इलाज की दिशा पूरी तरह बदल सकती है। अब डॉक्टर मरीज के पेट के बैक्टीरिया की स्थिति देखकर यह तय कर पाएंगे कि उस पर कौन सा उपचार सबसे ज्यादा कारगर होगा। आने वाले समय में शायद मरीजों को 'बैक्टीरिया कैप्सूल' दिए जाएं, जो शरीर के अंदर ही कैंसर से लड़ने वाली फौज तैयार कर सकें। इससे कीमोथेरेपी जैसे कष्टदायक इलाजों पर निर्भरता कम हो सकती है।
अपने शरीर के इन रक्षकों को कैसे बचाएं?
अगर हम चाहते हैं कि हमारे शरीर के अच्छे बैक्टीरिया मजबूत रहें, तो हमें अपनी जीवनशैली में कुछ बुनियादी बदलाव करने होंगे। आहार में दही, छाछ और फाइबर वाली हरी सब्जियों को शामिल करना बहुत जरूरी है। साथ ही, ज्यादा चीनी और डिब्बाबंद खान-पान से दूरी बनाकर हम अपने शरीर के इन छोटे योद्धाओं को शक्तिशाली बना सकते हैं।