Edited By Mansa Devi,Updated: 02 Feb, 2026 01:27 PM

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में देश में हाई स्पीड रेल नेटवर्क को और विस्तार देने का ऐलान किया है। इस बार विशेष रूप से दिल्ली से वाराणसी तक हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। इस कॉरिडोर के पूरा होने के बाद दिल्ली से...
नेशनल डेस्क: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में देश में हाई स्पीड रेल नेटवर्क को और विस्तार देने का ऐलान किया है। इस बार विशेष रूप से दिल्ली से वाराणसी तक हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। इस कॉरिडोर के पूरा होने के बाद दिल्ली से लखनऊ और वाराणसी जैसे बड़े शहरों की दूरी बेहद कम हो जाएगी और राजधानी से उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
हाई-स्पीड रूट पर ट्रेनें 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। इससे दिल्ली से लखनऊ की यात्रा महज दो घंटे और दिल्ली से वाराणसी तक की यात्रा तीन घंटे में पूरी हो सकेगी। इस तरह यात्रियों का समय काफी बचेगा और यात्रा अधिक आरामदायक और तेज़ होगी।
दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर की योजना कई सालों से तैयार हो रही है। करीब दो साल पहले इस रूट के लिए सर्वे शुरू हुआ था और अब इसका रोडमैप तैयार हो चुका है। केंद्र सरकार ने इस कॉरिडोर के निर्माण की औपचारिक घोषणा बजट में कर दी है। इस ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश के लोग उत्साहित हैं, क्योंकि बुलेट ट्रेन जैसी रफ्तार से चलने वाली ट्रेनें राज्य के बड़े शहरों को राजधानी से जोड़ेंगी। केंद्र सरकार ने इस बार के बजट में देश में सात नए हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने की योजना की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश में इसके तहत दो कॉरिडोर शामिल हैं। पहला दिल्ली से वाराणसी तक और दूसरा वाराणसी से सिलीगुड़ी तक होगा। यह कॉरिडोर गाजियाबाद, मुरादाबाद, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा।
दिल्ली से लखनऊ की दूरी हो जाएगी कम
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर लखनऊ के रास्ते बनाया जाएगा और इसमें गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली और कानपुर को भी जोड़ा जाएगा। दिल्ली से लखनऊ की दूरी लगभग 490 किलोमीटर है, जिसे हाई-स्पीड ट्रेन दो घंटे में तय करेगी। वहीं दिल्ली से वाराणसी तक की 790 किलोमीटर लंबी दूरी तीन घंटे में पूरी होगी।
3 घंटे में दिल्ली से वाराणसी की यात्रा होगी पूरी
इस हाई-स्पीड रूट के बनने से दिल्ली-लखनऊ के बीच की दूरी एक तिहाई कम हो जाएगी और यात्रियों के लिए एक ही दिन में आने-जाने की सुविधा संभव होगी। हाई-स्पीड ट्रेन का किराया हवाई जहाज की तरह तय किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से लखनऊ के बीच इसका किराया लगभग 5,000 रुपये तक हो सकता है। भविष्य में जरूरत और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार इसमें बदलाव भी किया जा सकता है।
इस नई पहल से न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा बल्कि उत्तर प्रदेश के शहरों में आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी तेजी मिलेगी। हाई-स्पीड रेल का यह नेटवर्क राज्य और राजधानी के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करेगा और आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।