cervical cancer: भारत में हर 8 मिनट में सर्वाइकल कैंसर से एक महिला की मौत: AIIMS–ICMR रिपोर्ट

Edited By Updated: 20 Jan, 2026 09:57 AM

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भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक चिंताजनक आंकड़ा सामने आया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, देश में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) इतनी तेजी से फैल रहा है कि हर 8 मिनट में एक महिला की जान इस बीमारी की वजह से जा रही है। एम्स (AIIMS)...

नेशनल डेस्क:  भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक चिंताजनक आंकड़ा सामने आया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, देश में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) इतनी तेजी से फैल रहा है कि हर 8 मिनट में एक महिला की जान इस बीमारी की वजह से जा रही है। एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो यह स्थिति और विकराल हो सकती है।

क्या है मौत के आंकड़ों का सच?

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और एम्स के विशेषज्ञों ने साझा किया है कि:

AIIMS दिल्ली की खास मुहिम: मुफ़्त जांच और टीका

राहत की बात यह है कि सर्वाइकल कैंसर से पूरी तरह बचाव संभव है। इसी दिशा में कदम उठाते हुए AIIMS Delhi ने जनवरी महीने में विशेष सुविधाएं शुरू की हैं:

  1. फ्री स्क्रीनिंग: 31 जनवरी तक, 30 से 65 वर्ष की महिलाएं सोमवार से शुक्रवार (सुबह 9 से दोपहर 3 बजे) तक कैंसर की मुफ्त जांच करवा सकती हैं। इसमें सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर दोनों की स्क्रीनिंग शामिल है।

  2. वैक्सीनेशन: 9 से 14 साल की बच्चियों के लिए शनिवार (सुबह 9 से दोपहर 12 बजे) को एम्स की नई बिल्डिंग में टीकाकरण (Vaccination) की सुविधा उपलब्ध है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

डॉक्टरों के अनुसार, शरीर में होने वाले इन बदलावों को पहचानना बेहद जरूरी है:

  • पीरियड्स के अलावा या संबंध बनाने के बाद अचानक ब्लीडिंग होना।

  • मेनोपॉज (पीरिएड्स बंद होने) के बाद भी खून आना।

  • प्राइवेट पार्ट से दुर्गंध वाला डिस्चार्ज या सफेद पानी आना।

  • पेट के निचले हिस्से (पेल्विक एरिया) में लगातार दर्द महसूस होना।

बचाव के तीन सबसे प्रभावी तरीके

  1. वैक्सीन ही सुरक्षा है: 9 से 14 साल की उम्र में टीका लगवाना सबसे ज्यादा असरदार है। हालांकि, डॉक्टर की सलाह पर 45 साल तक की महिलाएं भी इसे लगवा सकती हैं।

  2. नियमित टेस्ट (Pap Smear): 30 की उम्र के बाद हर महिला को समय-समय पर पैप स्मीयर टेस्ट कराना चाहिए ताकि कैंसर पनपने से पहले ही उसका पता चल सके।

  3. स्वच्छता और सतर्कता: व्यक्तिगत साफ-सफाई और सुरक्षित शारीरिक संबंध इस वायरस के खतरे को काफी हद तक कम कर देते हैं।

    विशेषज्ञ की सलाह: कैंसर लाइलाज नहीं है, बस जरूरत है सही समय पर जांच और बचाव की। सरकार और स्वास्थ्य संस्थान अब मिलकर इस मिशन पर काम कर रहे हैं ताकि भविष्य में एक भी महिला की जान इस बीमारी से न जाए।

 

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