कर्नाटक में जुलूस पर पथराव के बाद सांप्रदायिक तनाव, पुलिस ने 8 लोगों को किया गिरफ्तार

Edited By Updated: 20 Feb, 2026 12:52 PM

communal tension erupts in karnataka after stone pelting on procession police

कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान गुरुवार रात पत्थर फेंके जाने की एक घटना सामने आई, जिसके बाद एहतियातन प्रशासन ने 24 फरवरी तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

नेशनल डेस्क: कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान गुरुवार रात पत्थर फेंके जाने की एक घटना सामने आई, जिसके बाद एहतियातन प्रशासन ने 24 फरवरी तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। पुलिस ने मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है और कहा है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं तथा किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।

मस्जिद के पास हुई घटना, पुलिस जांच में जुटी
जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम जुलूस जब कस्बे की एक मस्जिद के पास से गुजर रहा था, उसी दौरान संक्षिप्त पत्थरबाजी की घटना हुई। कुछ हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि मस्जिद की ओर से जुलूस पर पत्थर फेंके गए। हालांकि पुलिस ने कहा है कि फिलहाल किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों के मुताबिक पत्थर कहां से आए, इसका पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी और अन्य वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक ने दी स्थिति की जानकारी
बागलकोट के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल ने बताया कि कुल दो पत्थर फेंके गए, जो पुलिसकर्मियों की ओर गिरे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आम नागरिक को चोट नहीं आई है। पत्थर हेलमेट पहने पुलिसकर्मियों को लगे और उन्हें केवल हल्की चोटें आईं। उन्होंने गंभीर चोट या बड़े पैमाने पर हिंसा की खबरों को अफवाह बताया।

जुलूस शांतिपूर्वक हुआ समाप्त
पुलिस के अनुसार दोपहर लगभग 3 से 4 बजे के बीच शुरू हुआ जुलूस घटना के बाद भी करीब डेढ़ घंटे तक जारी रहा और बाद में शांतिपूर्वक समाप्त हो गया। अधिकारी ने बताया कि लोग बिना किसी हंगामे के अपने-अपने घर लौट गए और कहीं भी भीड़ जमा नहीं है। फिलहाल पूरे इलाके में शांति बनी हुई है।

आठ लोगों की गिरफ्तारी
पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और पत्थरबाजी के सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान भी की जा रही है। पर्याप्त सबूत मिलने पर और लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है। पुलिस ने फिलहाल किसी विशेष समुदाय या समूह को जिम्मेदार नहीं ठहराया है और इसे उपद्रवियों की हरकत बताया है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
घटना के समय इलाके में ड्रोन से निगरानी की जा रही थी और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे। प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। बताया जा रहा है कि पत्थरबाजी की घटना नमाज खत्म होने के बाद हुई। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करें। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और हालात पूरी तरह सामान्य हैं।

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