Edited By Mansa Devi,Updated: 28 Mar, 2026 12:59 PM

कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में हिम्मत नहीं है कि वह वेस्ट बैंक में इजराइली की ओर से कि जा रही कब्जे की कार्रवाई का विरोध करें और "अपने मित्र" बेंजामिन नेतन्याहू के सामने सच बोल सकें।
नेशनल डेस्क: कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में हिम्मत नहीं है कि वह वेस्ट बैंक में इजराइली की ओर से कि जा रही कब्जे की कार्रवाई का विरोध करें और "अपने मित्र" बेंजामिन नेतन्याहू के सामने सच बोल सकें। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि इजराइल पश्चिम एशिया में युद्ध के बहाने अपने "ग्रेटर इजराइल" के नजरिए को आगे बढ़ा रहा है।
रमेश ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, "ईरान पर अमेरिका-इजराइल की बमबारी और ईरान के जवाबी हमले का आज 28वां दिन है। पिछले चार हफ्तों में, जबकि दुनिया की नजर होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी देशों में ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर रही है, इजराइल ने गाजा के लोगों पर अपनी क्रूरता जारी रखी है, दक्षिणी लेबनान में अपने लिए एक बड़ा बफर जोन बनाने के लिए अभियान शुरू किया और वेस्ट बैंक पर अपने कब्जे को पक्के कब्जे में बदलने के लिए कदम उठाए।"
उन्होंने कहा कि वर्तमान पश्चिम एशिया युद्ध इजराइल को ग्रेटर इजराइल के अपने दृष्टिकोण पर आगे बढ़ने के लिए कवर प्रदान कर रहा है और फलस्तीनी राष्ट्र के लिए किसी भी उम्मीद को भी ख़त्म कर रहा है। उन्होंने कहा, ''मोदी के इजराइल से भारत रवाना होने के दो दिन बाद ही ईरान पर अमेरिकी-इजराइल बमबारी शुरू हो गई।

इस बात का एहसास नहीं है कि उनके वहां पहुंचने से कुछ ही दिन पहले, इजराइली कैबिनेट ने 1967 के बाद पहली बार कब्जे वाले वेस्ट बैंक के लगभग आधे हिस्से में भूमि पंजीकरण को मंजूरी दी थी। इससे लाखों फलस्तीनियों को बेदखल होना पड़ेगा।" रमेश ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी में आवाज उठाने और अपने अच्छे दोस्त बेंजामिन नेतन्याहू के सामने सच बोलने की हिम्मत नहीं है।