Edited By Tanuja,Updated: 28 Mar, 2026 11:44 AM

कनाडा में इंडो-कनाडियन इन्फ्लुएंसर नैंसी ग्रेवाल की हत्या मामले में पुलिस अब खालिस्तान समर्थक एंगल की भी जांच कर रही है। पहले से मिल रही धमकियों और आगजनी की घटना के चलते इसे टारगेटेड मर्डर माना जा रहा है, लेकिन अभी तक किसी लिंक की आधिकारिक पुष्टि...
International Desk: कनाडा में इंडो-कनाडियन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैंसी ग्रेवाल (Nancy Grewal) की हत्या के मामले में अब नया मोड़ आया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इस हत्या के पीछे खालिस्तान समर्थक चरमपंथी तत्वों का कोई संबंध हो सकता है। पुलिस ने साफ किया है कि अभी तक किसी भी एंगल की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह हत्या रैंडम नहीं थी, बल्कि पीड़िता को निशाना बनाकर की गई थी। नैंसी ग्रेवाल कनाडा के LaSalle इलाके में रहती थीं और सोशल मीडिया पर खालिस्तान आंदोलन के खिलाफ खुलकर बोलती थीं। उनके परिवार के अनुसार, उन्हें लंबे समय से धमकियां मिल रही थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ महीने पहले उनके घर पर आगजनी (arson) की घटना हुई थी, जिसे पुलिस अब हत्या से जोड़कर देख रही है।
उस घटना का CCTV वीडियो भी जारी किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति घर के बाहर आग लगाता दिखाई दिया। 3 मार्च 2026 की रात, नैंसी ग्रेवाल को उनके घर के पास चाकू से कई बार हमला किया गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।पुलिस और Ontario Provincial Police की संयुक्त टीम इस केस की जांच कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि वे हर एंगल व्यक्तिगत दुश्मनी, सोशल मीडिया विवाद और संभावित चरमपंथी कनेक्शन सबकी जांच कर रहे हैं।
नैंसी ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो में कहा था कि वह कनाडा में सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। उन्होंने कुछ समूहों और नेताओं पर भी खुलकर निशाना साधा था। यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि सोशल मीडिया, विचारधारा और सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। हालांकि खालिस्तान लिंक की अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार मिल रही धमकियां और पहले की घटनाएं इस दिशा में जांच को मजबूत बना रही हैं।