Edited By Tanuja,Updated: 28 Mar, 2026 01:00 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने खुद को “महान शांतिदूत” बताने का दावा दोहराया और कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान समेत आठ युद्ध रुकवाए। यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य-पूर्व में संघर्ष बढ़ रहा है और अमेरिकी सैनिक हमलों में घायल हो रहे हैं।
International Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप( Donald Trump) ने एक बार फिर खुद को “महान शांतिदूत” बताते हुए दावा किया है कि उन्होंने पिछले साल दुनिया के कई संघर्षों को रोकने में अहम भूमिका निभाई। मियामी में आयोजित सऊदी समर्थित Future Investment Initiative (FII) Priority Summit को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी विरासत एक ऐसे नेता के रूप में याद की जाए, जिसने युद्धों को खत्म कराया। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को भी रोका। उनके अनुसार, दोनों देश एक हफ्ते से लड़ रहे थे और कई सैन्य विमान गिराए जा चुके थे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि अगर लड़ाई जारी रही तो वह 250 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे, जिसके बाद संघर्ष रुक गया।इसके अलावा, उन्होंने आर्मेनिया-अजरबैजान, कांगो-रवांडा, मिस्र-इथियोपिया, सर्बिया-कोसोवो और इजराइल-हमास जैसे कई संघर्षों को रोकने का भी दावा किया। ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते पर भी बात की और कहा कि किसी भी डील की शर्त होगी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जाए, ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति बहाल हो सके। हालांकि, यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है और हाल के हमलों में अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।
ट्रंप ने अपने भाषण में नाटो की आलोचना करते हुए उसे “कागजी शेर” बताया और कहा कि अमेरिका सहयोग करता है, लेकिन उसे बदले में पर्याप्त समर्थन नहीं मिलता। साथ ही, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो क्यूबा के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है, हालांकि इसे उन्होंने हल्के अंदाज़ में कहा। ट्रंप के “शांतिदूत” वाले दावे और मौजूदा युद्ध जैसी स्थिति के बीच का अंतर अब वैश्विक स्तर पर बहस का विषय बन गया है। जहां वह खुद को शांति स्थापित करने वाला नेता बता रहे हैं, वहीं जमीन पर बढ़ते संघर्ष उनकी इस छवि पर सवाल खड़े कर रहे हैं।