Edited By Tanuja,Updated: 28 Mar, 2026 01:39 PM

नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने भारत के साथ संबंधों को नई गति देने की इच्छा जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि वह दोनों देशों की साझा समृद्धि और बहुआयामी रिश्तों को मजबूत करने...
Kathmandu: नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने भारत के साथ संबंधों को और मजबूत बनाने की इच्छा जाहिर की है। शपथ ग्रहण के एक दिन बाद उन्होंने कहा कि वह भारत के साथ “घनिष्ठता के साथ काम करने को उत्सुक” हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बालेन्द्र शाह को पदभार संभालने पर बधाई दी थी और कहा था कि वह भारत-नेपाल संबंधों को नई मजबूती देने के लिए उनके साथ काम करने के इच्छुक हैं।
Thank you, PM @narendramodi for your kind words and warm wishes. I am eager to work closely with you to advance the multifaceted relations between our two countries for the common prosperity of our people. https://t.co/0YWdh8Jj36
— PMO (@PM_nepal_) March 28, 2026
इसके जवाब में नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, आपके स्नेहपूर्ण शब्दों और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं हमारे दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने और हमारी जनता की साझा समृद्धि के लिए आपके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हूं।” यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिण एशिया में रणनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और नेपाल की विदेश नीति पर सबकी नजर है।
भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते लंबे समय से बेहद मजबूत रहे हैं। नेपाल एक स्थल-रुद्ध (landlocked) देश है, इसलिए समुद्र तक उसकी पहुंच मुख्य रूप से भारत के रास्ते ही संभव है।नेपाल अपनी अधिकांश आवश्यक वस्तुओं, ईंधन और सेवाओं के आयात के लिए भारत पर काफी हद तक निर्भर करता है। व्यापार, परिवहन, ऊर्जा और सीमा सहयोग के लिहाज से भारत नेपाल का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है।विशेषज्ञों का मानना है कि बालेन्द्र शाह का यह बयान दोनों देशों के बीच रिश्तों को नई गति देने का संकेत है, खासकर व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के क्षेत्रों में।