Edited By Radhika,Updated: 08 May, 2026 09:14 PM

तमिलनाडु की सत्ता का सस्पेंस अब खत्म होता दिख रहा है। अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी TVK ने जादुई आंकड़े को छू लिया है। कांग्रेस के बाद अब वामपंथी दलों (CPI, CPM) और VCK ने भी विजय को अपना समर्थन देने का औपचारिक ऐलान कर दिया है, जिससे...
नेशनल डेस्क: तमिलनाडु की सत्ता का सस्पेंस अब खत्म होता दिख रहा है। अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी TVK ने जादुई आंकड़े को छू लिया है। कांग्रेस के बाद अब वामपंथी दलों (CPI, CPM) और VCK ने भी विजय को अपना समर्थन देने का औपचारिक ऐलान कर दिया है, जिससे राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
118 का जादुई आंकड़ा हुआ पार
234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए किसी भी दल को 118 विधायकों की आवश्यकता होती है। ताजा समीकरणों के अनुसार TVK-कांग्रेस गठबंधन को अब VCK, CPM और CPI का निर्णायक साथ मिल गया है। इस समर्थन के साथ विजय ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। खास बात यह है कि BJP ने भी सदन में मतदान से दूर रहने के संकेत दिए हैं, जिससे विजय की राह और आसान हो गई है।

राज्यपाल से तीसरी मुलाकात की तैयारी
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर द्वारा विजय को बहुमत साबित करने के लिए 10 मई तक का समय दिया गया था। गुरुवार को हुई दूसरी मुलाकात के दौरान 118 विधायकों के हस्ताक्षर वाले समर्थन पत्र के सरकार बनाने का न्योता नहीं देंगे। अब बहुमत का जुगाड़ होने के बाद विजय तीसरी बार राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
खड़गे की 'मास्टर स्ट्रोक' रणनीति
सूत्रों के अनुसार, इस गठबंधन को आकार देने में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एक खास भूमिका रही है। उन्होंने CPI महासचिव डी राजा से फोन पर लंबी चर्चा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि राज्य में एक 'धर्मनिरपेक्ष सरकार' के गठन के लिए वामदलों का साथ आना जरूरी है। खड़गे का मुख्य तर्क यह था कि विपक्षी दलों की एकजुटता ही राज्य में किसी भी 'पिछले दरवाजे' की राजनीति को रोक सकती है।
DMK के लिए बड़ा झटका
CPI, CPM और VCK का विजय की पार्टी में जाना मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और DMK के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। दशकों से ये दल DMK के वफादार साथी रहे थे, लेकिन बदलती राजनीतिक परिस्थितियों ने विजय को तमिलनाडु का नया 'पावर सेंटर' बना दिया है।