Edited By Rohini Oberoi,Updated: 01 Apr, 2026 09:48 AM

मार्च की विदाई के बाद अप्रैल की शुरुआत धमाकेदार होने जा रही है। भारत मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। इन राज्यों में आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया...
Rain and Thunderstorm Warning : मार्च की विदाई के बाद अप्रैल की शुरुआत धमाकेदार होने जा रही है। भारत मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। इन राज्यों में आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, ओलावृष्टि भी टेंशन बढ़ाएगी। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र (Cyclonic Circulations) के सक्रिय होने से देश के बड़े हिस्से में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है।
हीटवेव से राहत, बारिश की बौछार
इस बार अप्रैल का महीना चिलचिलाती गर्मी के बजाय नमी लेकर आया है। IMD के अनुसार अप्रैल से जून के बीच अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने के आसार हैं जिससे इस साल लू (Heatwave) का प्रकोप कम रहेगा। अनुमान है कि इस अप्रैल में सामान्य से 112% ज्यादा बारिश दर्ज की जा सकती है।

राज्यवार मौसम का हाल: कहां क्या होगी स्थिति?
1. दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश
राजधानी दिल्ली में आज हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धूलभरी आंधी और 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
2. राजस्थान, बिहार और झारखंड
राजस्थान में धूलभरी आंधी का अलर्ट है जबकि बिहार और झारखंड में बिजली गिरने (Lightning) का खतरा बना हुआ है। झारखंड के कुछ जिलों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका है जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।

3. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़
मध्य भारत में मौसम काफी अस्थिर है। छत्तीसगढ़ में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। ओलावृष्टि की चेतावनी के कारण किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
4. पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत
असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश (Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण में केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।

क्यों बदला मौसम का मिजाज?
वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर पाकिस्तान और जम्मू के ऊपर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मौजूद है। इसके साथ ही राजस्थान, बिहार, असम और केरल के ऊपर अलग-अलग 'साइक्लोनिक सर्कुलेशन' बने हुए हैं। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से पूरे देश में अस्थिरता बनी हुई है। IMD ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे शरण न लें। तेज हवाओं के दौरान जर्जर इमारतों और होर्डिंग्स से दूर रहें। वहीं पहाड़ी इलाकों (उत्तराखंड/हिमाचल) की यात्रा करने वाले लोग 3 से 6 अप्रैल के बीच सतर्क रहें क्योंकि एक और पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है।