Edited By Mehak,Updated: 18 Mar, 2026 05:55 PM

चैत्र नवरात्र 19 मार्च से 27 मार्च तक मनाए जाएंगे, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं और भोग अर्पित करते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, बासी या खराब भोजन, सूखे फूल, तुलसी के पत्ते, धतूरा, मदार और कनेर के...
नेशनल डेस्क : चैत्र नवरात्र की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है। हिंदू धर्म में यह पर्व मां दुर्गा की भक्ति और साधना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। भक्त इन दिनों व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ माता रानी को भोग अर्पित करते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, पूजा के दौरान कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें अर्पित करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता।
बासी या खराब भोजन न चढ़ाएं
मां दुर्गा को कभी भी बासी या खराब भोजन अर्पित नहीं करना चाहिए। देवी को ताजा, शुद्ध और सात्विक भोजन ही प्रिय होता है। इसी तरह बासी या कटे-फटे फल भी चढ़ाने से बचना चाहिए। अगर फल उपलब्ध न हों, तो आप ताजा बना हुआ भोजन या चावल अर्पित कर सकते हैं।
सूखे या मुरझाए फूल न करें अर्पित
पूजा में हमेशा ताजे और सुगंधित फूलों का ही उपयोग करना चाहिए। सूखे या मुरझाए फूल चढ़ाना अशुभ माना जाता है। इससे पूजा की सकारात्मकता पर असर पड़ता है और इसे अच्छा नहीं माना जाता।
तुलसी के पत्तों का न करें उपयोग
नवरात्र की पूजा में तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाए जाते। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय होती है, इसलिए इसे मां दुर्गा की पूजा में शामिल नहीं किया जाता।
धतूरा, मदार और कनेर से रखें दूरी
चैत्र नवरात्र के दौरान मां दुर्गा को धतूरा, मदार और कनेर के फूल अर्पित नहीं करने चाहिए। इन फूलों को देवी की पूजा के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। मान्यता है कि इनका उपयोग करने से मां दुर्गा नाराज हो सकती हैं, इसलिए इनसे दूरी बनाए रखना चाहिए।