Edited By Mansa Devi,Updated: 25 Jan, 2026 04:04 PM

आज स्मार्टफोन सिर्फ एक गैजेट नहीं रहा, बल्कि कॉल, इंटरनेट, यूपीआई, काम और एंटरटेनमेंट जैसी रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। ऐसे में बैटरी की सेहत सीधे आपके फोन के इस्तेमाल से जुड़ी होती है।
नेशनल डेस्क: आज स्मार्टफोन सिर्फ एक गैजेट नहीं रहा, बल्कि कॉल, इंटरनेट, यूपीआई, काम और एंटरटेनमेंट जैसी रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। ऐसे में बैटरी की सेहत सीधे आपके फोन के इस्तेमाल से जुड़ी होती है। बावजूद इसके कई लोग फोन की चार्जिंग को हल्के में लेते हैं, जिससे बैटरी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है।
क्या 100% तक चार्ज करना सही है?
आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में लिथियम-आयन बैटरी होती है। ये बैटरियां स्मार्ट होती हैं और ओवरचार्ज से खुद को काफी हद तक बचा लेती हैं। इसलिए कई लोग सोचते हैं कि 100% चार्ज करने से कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन असलियत यह है कि जब बैटरी 80% के बाद 100% तक जाती है, तो बैटरी पर स्ट्रेस बढ़ जाता है और अंदर के केमिकल प्रोसेस तेज हो जाते हैं।
अगर यह आदत रोज बनी रहे, तो कुछ महीनों या सालों में बैटरी की क्षमता कम होने लगती है। हालांकि कभी-कभार 100% चार्ज करने से नुकसान नहीं होता। आजकल iPhone और एंड्रॉइड फोन में Optimised Charging या Adaptive Charging जैसे फीचर होते हैं, जो चार्जिंग स्पीड को नियंत्रित करके बैटरी को बचाते हैं। लेकिन अगर आप हर रोज फोन को पूरी रात 100% तक चार्ज पर रखते हैं, तो बैटरी जल्दी खराब होने लगती है।
कितने प्रतिशत तक चार्ज करना सबसे अच्छा है?
बैटरी एक्सपर्ट्स और टेक कंपनियों की टेस्टिंग के अनुसार, फोन की बैटरी को 20% से 80% के बीच रखना सबसे हेल्दी माना जाता है। इस रेंज में बैटरी न तो बहुत खाली होती है और न ही बहुत भरी। इसका सीधा फायदा यह है कि बैटरी पर दबाव कम पड़ता है और चार्जिंग साइकल्स लंबे समय तक ठीक रहते हैं।
आसान भाषा में समझें तो, 80% पर फोन निकाल लेना बैटरी के लिए जिम जाने जैसा है। वहीं, हर बार 100% तक ले जाना इसे ओवरटाइम करवाने जैसा है। अगर आप चाहते हैं कि आपका फोन 4-5 साल तक अच्छे से चले, तो 80-85% पर चार्ज से हटाने की आदत डालें।
बैटरी को ज्यादा खाली होने से बचाएं
साथ ही ध्यान रखें कि बैटरी को बार-बार 5% या 10% तक गिरने न दें। बहुत ज्यादा खाली होना भी बैटरी के लिए हानिकारक माना जाता है।