Edited By Mansa Devi,Updated: 04 Mar, 2026 03:31 PM

8वें वेतन आयोग से जुड़ी खबरें पिछले काफी समय से सामने आ रही हैं और सरकारी नौकरीपेशा से लेकर आम सैलरीक्लास तक के लोग इसे लेकर उत्सुक रहते हैं। इसी उत्सुकता का फायदा उठाकर साइबर अपराधी नई ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहे हैं।
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से जुड़ी खबरें पिछले काफी समय से सामने आ रही हैं और सरकारी नौकरीपेशा से लेकर आम सैलरीक्लास तक के लोग इसे लेकर उत्सुक रहते हैं। इसी उत्सुकता का फायदा उठाकर साइबर अपराधी नई ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहे हैं। यह नया स्कैम WhatsApp, SMS और सोशल मीडिया के जरिए फैलाया जा रहा है, जिसमें फर्जी सैलरी कैलकुलेटर के लिंक दिए जाते हैं।
फर्जी सैलरी कैलकुलेटर लिंक का तरीका
साइबर फ्रॉडस्टर्स का दावा होता है कि इस लिंक के जरिए उपयोगकर्ता यह पता लगा सकते हैं कि 8वें वेतन आयोग लागू होने के बाद उनकी सैलरी कितनी बढ़ेगी। लेकिन जैसे ही कोई यूजर लिंक पर क्लिक करता है या उससे जुड़ी APK फाइल डाउनलोड करता है, उसके मोबाइल का पूरा नियंत्रण अपराधियों के पास चला जाता है। कभी-कभी इस प्रक्रिया में नाम, मोबाइल नंबर और आधार जैसी निजी जानकारी भरने के लिए भी कहा जाता है। जैसे ही ये जानकारी भर दी जाती है, अपराधी इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं और बैंकिंग डिटेल्स, व्यक्तिगत डेटा समेत अन्य संवेदनशील जानकारी तक पहुंच हासिल कर सकते हैं।
सरकार और साइबर एजेंसियों की चेतावनी
सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यह एक गंभीर अपराध है और मोबाइल यूजर्स को ऐसे मैसेज और लिंक से सावधान रहने की जरूरत है। इसके जरिए आपकी व्यक्तिगत जानकारी चुराई जा सकती है और बैंक अकाउंट खाली होने का खतरा भी हो सकता है।
गलती से लिंक क्लिक हो जाए तो क्या करें
अगर गलती से कोई व्यक्ति किसी फर्जी लिंक पर क्लिक कर देता है, तो घबराने की बजाय तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। सबसे पहले अपने बैंक को सूचित किया जाना चाहिए और नेटबैंकिंग तथा डेबिट या क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक कराना चाहिए। इसके साथ ही नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर जानकारी दी जा सकती है और पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा, अपने फोन और बैंकिंग ऐप के पासवर्ड तथा सिक्योरिटी फीचर्स को तुरंत बदलना जरूरी है।