Post Cancer Care : डाॅक्टर ने बताया, कैंसर से ठीक होने के बाद कैसे रखें खुद की सेहत का ख्याल

Edited By Updated: 08 Feb, 2026 04:03 PM

doctor explained how to take care of your health after recovering from cancer

कैंसर से ठीक होना बड़ी जीत होती है, लेकिन इलाज के बाद शरीर और मन कमजोर रह सकते हैं। कीमोथेरेपी, रेडिएशन या सर्जरी के बाद थकान, नींद की समस्या, चिंता और फोकस में परेशानी आम है। इस दौरान नियमित फॉलो‑अप, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, हल्की एक्सरसाइज और...

नेशनल डेस्क : कैंसर का इलाज पूरी तरह से होना किसी भी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए बड़ी जीत के बराबर होता है। लेकिन इलाज खत्म होने के बाद जीवन तुरंत सामान्य नहीं हो जाता। कीमोथेरेपी, रेडिएशन या सर्जरी के बाद शरीर कमजोर हो सकता है और मानसिक रूप से भी कई चुनौतियां सामने आती हैं। कई लोग थकान, नींद न आना, फोकस में दिक्कत या चिंता महसूस करते हैं। इसलिए सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक देखभाल भी इस समय बहुत जरूरी है।

इलाज के बाद जीवनशैली और खानपान

ऑनकोलॉजी विभाग से जुड़े एक डाॅक्टर बताते हैं कि इलाज के बाद नियमित फॉलो-अप और जांच सबसे जरूरी होती है। इससे किसी भी बदलाव को समय पर पकड़ा जा सकता है।

इलाज खत्म होने के बाद कुछ जरूरी आदतें अपनाना बेहद जरूरी है:

संतुलित और पौष्टिक आहार : खाने में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें।

यह भी पढ़ें - 8 फरवरी को किस दाम पर बिक रहा है सोना? जानें 22 कैरेट और 18 कैरेट का ताजा रेट

पर्याप्त पानी और नींद : रोजाना पर्याप्त पानी पीना और समय पर नींद लेना शरीर को जल्दी ठीक होने में मदद करता है।

हल्की एक्सरसाइज और योग : धीरे-धीरे हल्की व्यायाम या योग करना शरीर की ताकत वापस लाने में मदद करता है।

हानिकारक आदतों से दूरी : तंबाकू, शराब और जंक फूड से बचें।

दवाइयों का सही उपयोग : बिना डॉक्टर की सलाह कोई नई दवा या सप्लीमेंट न लें।

साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव : संक्रमण से बचने के लिए हाथ धोना, स्वच्छता और साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखना जरूरी है।

धीरे-धीरे रिकवरी : खुद पर ज्यादा दबाव न डालें। शरीर को ठीक होने का पूरा समय दें।

मानसिक और भावनात्मक देखभाल

कैंसर से उबरने के बाद भावनात्मक उतार-चढ़ाव होना आम बात है। कई लोग डर, अकेलापन या भविष्य को लेकर चिंता महसूस करते हैं। ऐसे में परिवार और दोस्तों का सहयोग बहुत जरूरी होता है।

  • अपनी भावनाओं को दबाने की बजाय खुलकर बात करें।
  • जरूरत पड़े तो काउंसलर या सपोर्ट ग्रुप से जुड़ें।
  • समान अनुभव वाले लोगों के साथ बातें करना और सकारात्मक माहौल में रहना मानसिक मजबूती देता है।

याद रखें, मानसिक स्वास्थ्य मजबूत होगा तभी शारीरिक रिकवरी भी अच्छी होगी।

यह भी पढ़ें - 2026 में सोना-चांदी और तांबा को लेकर बाबा वेंगा की हैरान कर देगी ये भविष्यवाणी

नए लक्षणों पर सतर्क रहें

इलाज के बाद अगर शरीर में कोई नया या असामान्य लक्षण दिखे, तो उसे नजरअंदाज न करें। ध्यान दें:

  • अचानक वजन कम होना
  • लगातार दर्द या थकान
  • गांठ या सूजन
  • खून आना या लंबे समय तक बनी रहने वाली परेशानी

हर नए लक्षण का मतलब कैंसर का लौटना नहीं होता, लेकिन समय पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। सतर्क रहना और शरीर के बदलावों पर ध्यान देना स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!