Edited By Mansa Devi,Updated: 07 Feb, 2026 04:32 PM

कैंसर आज के समय की सबसे गंभीर और तेजी से बढ़ती बीमारियों में शामिल है। यह तब होता है जब शरीर की कुछ कोशिकाएं बिना नियंत्रण के बढ़ने लगती हैं और आसपास के टिश्यू व अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती हैं।
नेशनल डेस्क: कैंसर आज के समय की सबसे गंभीर और तेजी से बढ़ती बीमारियों में शामिल है। यह तब होता है जब शरीर की कुछ कोशिकाएं बिना नियंत्रण के बढ़ने लगती हैं और आसपास के टिश्यू व अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती हैं। शुरुआती दौर में इसके लक्षण अक्सर हल्के या अस्पष्ट होते हैं, जिस कारण लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय पर पहचान और इलाज न होने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है, हालांकि कुछ अंग ऐसे हैं जो अपेक्षाकृत जल्दी और अधिक बार इसकी चपेट में आते हैं।
दुनिया में सबसे आम कैंसर कौन-से हैं?
संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कुछ प्रकार के कैंसर सबसे अधिक पाए जाते हैं। इनमें फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) सबसे ऊपर है, जो धूम्रपान और वायु प्रदूषण से गहराई से जुड़ा है। इसके बाद महिलाओं में स्तन कैंसर (Breast Cancer) सबसे आम माना जाता है, जो स्तन की ग्रंथियों और नलिकाओं में विकसित होता है।
कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer) बड़ी आंत और मलाशय को प्रभावित करता है, जहां कोशिकाओं का नवीनीकरण तेज़ी से होता है। प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer) आमतौर पर उम्रदराज़ पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि को प्रभावित करता है। वहीं, लिवर कैंसर (Liver Cancer) लंबे समय से चली आ रही लिवर बीमारियों, हेपेटाइटिस संक्रमण और हानिकारक रसायनों के संपर्क से जुड़ा पाया गया है। पेट का कैंसर (Stomach Cancer) भी आम है, जिसका संबंध गलत खानपान और कुछ बैक्टीरियल संक्रमणों से माना जाता है।
कैंसर होने के प्रमुख कारण
कैंसर तब विकसित होता है जब कोशिकाओं की वृद्धि को नियंत्रित करने वाले जीन में गड़बड़ी आ जाती है। यह गड़बड़ी जन्मजात भी हो सकती है या जीवनशैली और पर्यावरणीय कारणों से समय के साथ विकसित हो सकती है। तंबाकू और शराब का लंबे समय तक सेवन, रेडिएशन के संपर्क में रहना, हार्मोनल असंतुलन, लगातार सूजन, वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण और बढ़ता प्रदूषण कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं। इसके अलावा असंतुलित आहार, पोषण की कमी और शारीरिक निष्क्रियता भी अहम कारण माने जाते हैं।
किन लोगों को रहता है सबसे ज्यादा खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार, 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, तंबाकू का सेवन करने वाले, मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति, शारीरिक रूप से कम सक्रिय लोग और जिनके परिवार में पहले कैंसर का इतिहास रहा हो इनमें कैंसर का खतरा अधिक होता है। हालांकि, समय रहते सावधानी और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बचाव और सतर्कता जरूरी
डॉक्टरों की सलाह है कि धूम्रपान और शराब से दूरी, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर हेल्थ चेकअप कैंसर से बचाव में अहम भूमिका निभाते हैं। शरीर में किसी भी तरह का असामान्य बदलाव दिखे जैसे अचानक वजन कम होना, लगातार थकान, गांठ या असामान्य दर्द तो बिना देरी किए डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। समय पर जांच और इलाज से कैंसर पर काबू पाया जा सकता है।