Gold Loan: सोने की बढ़ती कीमतों का डबल धमाका! गोल्ड लोन में भारी रफ्तार, नवंबर की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

Edited By Updated: 02 Jan, 2026 12:40 PM

double whammy from rising gold prices gold loans are seeing a massive surge

बीते एक साल में सोने की कीमतों में आई तेज़ बढ़ोतरी का सीधा असर गोल्ड लोन बाजार पर दिखाई दे रहा है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर के अंत तक गोल्ड लोन में सालाना आधार पर 125 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

नेशनल डेस्क: बीते एक साल में सोने की कीमतों में आई तेज़ बढ़ोतरी का सीधा असर गोल्ड लोन बाजार पर दिखाई दे रहा है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर के अंत तक गोल्ड लोन में सालाना आधार पर 125 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोने के दाम बढ़ने से इसकी कोलेटरल वैल्यू बढ़ी, जिससे लोगों को पहले के मुकाबले ज्यादा लोन मिलने लगा।

सोने की कीमतें बढ़ीं तो लोन लेने की क्षमता भी बढ़ी
सोने की कीमतों में उछाल के चलते लोन लेने वालों को बड़ा फायदा हुआ है। कोलेटरल वैल्यू बढ़ने से बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने ज्यादा रकम का गोल्ड लोन देना शुरू किया। यही वजह है कि गोल्ड लोन सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला कर्ज सेगमेंट बन गया है।


गोल्ड लोन के आंकड़े चौंकाने वाले
RBI के अनुसार, पिछले एक साल में गोल्ड लोन में सबसे ज्यादा ग्रोथ दर्ज की गई है।
नवंबर 2023 में गोल्ड लोन बकाया: ₹89,800 करोड़
नवंबर 2024 तक बढ़कर: ₹1.59 लाख करोड़
नवंबर 2025 तक पहुंचा: ₹3.5 लाख करोड़


बैंकों ने गोल्ड लोन में NBFC को पछाड़ा
RBI की ट्रेंड्स एंड प्रोग्रेस रिपोर्ट के मुताबिक, गोल्ड लोन मार्केट में अब बैंकों की हिस्सेदारी 50.35 फीसदी हो गई है, जिससे उन्होंने NBFC को पीछे छोड़ दिया है। NBFC का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो करीब ₹3 लाख करोड़ का है। मुथूट फाइनेंस, मनप्पुरम फाइनेंस और IIFL फाइनेंस देश के सबसे बड़े गोल्ड लोन प्रोवाइडर्स बने हुए हैं।


व्हीकल लोन में भी दिखी मजबूती
GST में कटौती और बढ़ती मांग के चलते व्हीकल लोन नवंबर के अंत तक बढ़कर ₹6.8 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इसमें सालाना आधार पर करीब 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों की मांग इसका प्रमुख कारण रही।


पर्सनल और कंज्यूमर लोन में आई सुस्ती
दूसरी ओर, कंज्यूमर लोन में गिरावट देखी गई है। इसकी मुख्य वजह अक्टूबर में खत्म हुआ त्योहारी सीजन है।
पर्सनल लोन ग्रोथ: 12.7%
कमर्शियल इमूवेबल एसेट: 12.5%
सर्विस सेक्टर: 11.7%
होम लोन की हिस्सेदारी 16.66 फीसदी से घटकर 16.43 फीसदी हो गई, जबकि क्रेडिट कार्ड बकाया भी 1.66 फीसदी से घटकर 1.52 फीसदी रह गया।


हाउसिंग सेक्टर को मिला सपोर्ट
होम लोन की ब्याज दरों में कटौती के चलते हाउसिंग सेक्टर को दिए गए लोन में 9.8 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई और कुल राशि ₹31.9 लाख करोड़ तक पहुंच गई। NBFC को दिए गए लोन भी ₹17.2 लाख करोड़ हो गए, हालांकि इसकी रफ्तार अक्टूबर की तुलना में थोड़ी धीमी रही।


व्यापार क्षेत्र को सबसे ज्यादा कर्ज
सेक्टोरल आंकड़ों के अनुसार, व्यापार क्षेत्र को दिए गए बैंक लोन में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली। यह 14 फीसदी बढ़कर ₹12.3 लाख करोड़ तक पहुंच गया। सरकार और RBI की राहत योजनाओं, खासकर निर्यातकों को दी गई लोन मोहलत, ने इस सेक्टर को मजबूती दी।

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!