Edited By Tanuja,Updated: 16 Feb, 2026 07:24 PM

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में द्विपक्षीय सहयोग, ऊर्जा, तकनीक और व्यापार पर चर्चा की। संभावित पीएम मार्क कार्नी की भारत यात्रा से पहले यह बैठक भारत-कनाडा संबंधों में बढ़ती गति का संकेत मानी...
International Desk: भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और उनकी कनाडाई समकक्ष Anita Anand ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और साझेदारी के नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक अगले महीने कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney की संभावित भारत यात्रा से पहले हुई है। कनाडा के विदेश मंत्रालय Global Affairs Canada (GAC) द्वारा जारी बयान के अनुसार, सितंबर 2025 के बाद मंत्रियों के बीच यह पांचवीं बैठक है, जो दोनों देशों के संबंधों में बढ़ती सकारात्मक गति को दर्शाती है।
बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात और बातचीत बहुत अच्छी रही। भारत–कनाडा संबंध लगातार प्रगति कर रहे हैं।”दोनों नेताओं ने ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, व्यापार और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। आनंद ने भी अपने पोस्ट में कहा कि भारत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने और साझा हितों पर काम करने के लिए यह बातचीत उपयोगी रही।
आनंद ने भारत को कनाडा के लिए एक अहम साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के व्यवसायों, उद्योगों और श्रमिकों के लिए तकनीकी लाभ और महत्वपूर्ण साझेदारी के अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “कनाडा रचनात्मक सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है और मैं भारत के साथ अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं।”मंत्रियों ने अक्टूबर 2025 में घोषित भारत–कनाडा संबंधों की संयुक्त रूपरेखा पर हुई ठोस प्रगति पर भी संतोष जताया।
गौरतलब है कि 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी Hardeep Singh Nijjar की हत्या को लेकर तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री Justin Trudeau द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आ गया था। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें “बेतुका” बताया था। मौजूदा बातचीत को उसी तनावपूर्ण दौर के बाद संबंधों को पटरी पर लाने की एक अहम कोशिश माना जा रहा है।