Edited By Anu Malhotra,Updated: 05 Apr, 2026 10:23 AM

Toll Plaza: हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सरकार ने 10 अप्रैल से टोल प्लाजा पर कैश में लेनदेन को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय, टोल बूथों पर लगने वाली...
Toll Plaza: हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सरकार ने 10 अप्रैल से टोल प्लाजा पर कैश में लेनदेन को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय, टोल बूथों पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करने के लिए अब नेशनल हाईवे पर टोल कलेक्शन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी।
FASTag अब सभी वाहनों के लिए अनिवार्य
इस नए नियम के लागू होने के बाद हर वाहन पर FASTag लगा होना जरूरी है। टोल प्लाजा पर लगे सेंसर रेडियो फ्रीक्वेंसी (RFID) तकनीक की मदद से वाहन के गुजरते ही लिंक किए गए बैंक खाते या वॉलेट से अपने आप पैसे काट लेंगे। इससे वाहन चालकों को टोल बूथ पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी।
UPI भुगतान पर Extra Charges
यदि किसी आपात स्थिति में वाहन पर FASTag नहीं लगा है, तो यात्रियों के पास UPI के जरिए पेमेंट का आप्शन होगा। हालांकि, सरकार ने डिजिटल अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए एक सख्त नियम रखा है। जो लोग UPI से पेमेंट करेंगे, उन्हें सामान्य टोल राशि का 1.25 गुना (यानी 25 प्रतिशत अधिक) भुगतान करना होगा। वैध डिजिटल भुगतान साधन न होने पर अधिकारियों को वाहन को हाईवे से हटाने या प्रवेश रोकने का अधिकार भी दिया गया है।
GPS और नंबर प्लेट स्कैनिंग
सरकार केवल FASTag तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जल्द ही GPS-बेस्ड और ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) सिस्टम लागू करने की तैयारी में है। इस तकनीक में कैमरे सीधे गाड़ी की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे और तय की गई दूरी के आधार पर पैसे काट लिए जाएंगे, जिससे भविष्य में फिजिकल टोल गेट्स की जरूरत ही खत्म हो जाएगी।
छूट के नियमों में बदलाव और भारी जुर्माना
Toll में मिलने वाली रियायतों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए अब आईडी कार्ड दिखाना मान्य नहीं होगा। जो लोग टोल छूट के पात्र हैं, उन्हें अब 'Exempted FASTags' लगवाना होगा। आम नागरिक 3,075 रुपये का सालाना पास भी ले सकते हैं, जो लगभग 200 टोल प्लाजा पर वैध होगा। इसके अलावा, यदि कोई टोल का भुगतान नहीं करता है, तो उसे ई-नोटिस भेजा जाएगा। तीन दिनों के भीतर भुगतान न करने पर टोल राशि से दोगुना जुर्माना वसूला जा सकता है।