जानिए कौन हैं तुकाराम मुंढे? 21 साल में 25 तबादलों से सुर्खियों में आए ‘सिंघम IAS’

Edited By Updated: 13 Aug, 2026 09:20 PM

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लगातार चर्चा में रहने वाले महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे अपने काम को लेकर सुर्खियों में हैं। तुकाराम मुंढे नियमों का सख्त तरीके से पालन करवाने और तुरंत कार्रवाई करने के नाम से भी मशहूर है। तुकाराम ने 20 सालों में कई अहम पदों पर भूमिका निभाई...

नेशनल डेस्क : लगातार चर्चा में रहने वाले महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे अपने काम को लेकर सुर्खियों में हैं। तुकाराम मुंढे नियमों का सख्त तरीके से पालन करवाने और तुरंत कार्रवाई करने के नाम से भी मशहूर है। तुकाराम ने 20 सालों में कई अहम पदों पर भूमिका निभाई है।

तुकाराम का जन्म महाराष्ट्र के बीड जिले में एक किसान परिवार के घर हुआ था। मुंढे ने औरंगाबाद स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की थी। मुंढे ने 2004 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और अखिल भारतीय स्तर पर 20वीं रैंक हासिल की। इसके बाद वह महाराष्ट्र कैडर के 2005 बैच के IAS अधिकारी बने।

कई अहम पदों पर भूमिका निभाई

तुकाराम मुंढे ने अपने 20 साल के प्रशासनिक सफर में अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने सहायक कलेक्टर, जिला कलेक्टर और नगर आयुक्त जैसे पदों पर काम किया। इसके अलावा वह पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (PMPML) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भी रह चुके हैं। उनकी तैनाती नांदेड़, वाशिम, जालना, सोलापुर, नवी मुंबई, नासिक, नागपुर और पुणे समेत कई जगहों पर रही है।

25 बार हुआ तबादला

तुकाराम मुंढे के करियर की सबसे चर्चित बातों में उनका बार-बार तबादला होना भी शामिल है। करीब 20 वर्षों की सेवा में उनका 25 बार तबादला हुआ। उनकी सख्त कार्यशैली और नियमों को लेकर किसी तरह का समझौता न करने की छवि को उनके तबादलों से जोड़कर देखा जाता रहा है।

FDA आयुक्त बनने के बाद सख्त कार्रवाई

25 मई 2026 को महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त का पद संभालने के बाद मुंढे ने खाद्य सुरक्षा को लेकर कार्रवाई तेज कर दी। उनके कार्यकाल में FDA की ओर से महाराष्ट्रभर में 1,100 से अधिक निरीक्षण किए गए। इन कार्रवाइयों के दौरान करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य का खाद्य भंडार जब्त किए जाने का दावा किया गया है। इसमें करीब 1.6 लाख लीटर कथित मिलावटी दूध भी शामिल है। इसके अलावा संगठित गुटखा नेटवर्क के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत कार्रवाई की गई और 56 रेस्तरां के लाइसेंस निलंबित किए गए।

2 महीने में 1,100 से ज्यादा छापे

मुंढे की कार्रवाई का असर मुंबई के खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर भी देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके नेतृत्व में महज दो महीनों में 1,100 से अधिक छापे और निरीक्षण किए गए। गुटखा नेटवर्क पर भी सख्त कार्रवाई की गई, जबकि कुछ पुराने और प्रतिष्ठित संस्थानों के लाइसेंस तक निलंबित किए गए।

आम लोगों के लिए खुला रहता है दरवाजा

तुकाराम मुंढे की कार्यशैली का एक और पहलू आम लोगों से सीधे संवाद करना है। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित महाराष्ट्र FDA मुख्यालय में उनके कार्यालय का दरवाजा हर कार्यदिवस शाम 4 से 5 बजे के बीच आम लोगों के लिए खुला रहता है। उनका संदेश साफ है कि जनता की शिकायतें सीधे सुनी जाएंगी, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में नरमी नहीं बरती जाएगी।

पद संभालते ही दिया था सख्त संदेश

FDA आयुक्त का पद संभालने के बाद अपने पहले आधिकारिक बयान में तुकाराम मुंढे ने साफ किया था कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।

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