नहीं रहे संचार क्रांति के मसीहा पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम, दिल्ली से मंडी लाया जाएगा पार्थिव शरीर

Edited By Updated: 11 May, 2022 09:45 AM

former union minister pandit sukh ram is no more

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम का निधन हो गया है। उनके पोते ने यह जानकारी दी। सुखराम 94 साल के थे और 7 मई से नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती थे।

नेशनल डेस्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम का निधन हो गया है। उनके पोते ने यह जानकारी दी। सुखराम 94 साल के थे और 7 मई से नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती थे। हिमाचल में कांग्रेस के नेता एवं सुखराम के पोते आश्रय शर्मा ने मंगलवार रात सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर पूर्व केंद्रीय मंत्री के निधन की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि अलविदा दादा जी, अब आपका फोन कभी नहीं आएगा। हालांकि, उन्होंने सुखराम का निधन कब हुआ इसकी कोई जानकारी नहीं दी।

 

शर्मा ने सुखराम के साथ अपने बचपन की एक तस्वीर भी साझा की। पूर्व केंद्रीय मंत्री का पार्थिव शरीर दिल्ली से मंडी लाया जाएगा। बता दें कि उनके दूसरे पोते आयुष शर्मा एक्टर हैं। आयुष ने सलमान खान की बहन से शादी की है। सुखराम को 4 मई को मनाली में ब्रेन स्ट्रोक हुआ था। इसके बाद उन्हें मंडी के एक क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें शनिवार को दिल्ली स्थित AIIMS लाया गया था। सुखराम ने पांच बार विधानसभा चुनाव और तीन बार लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। 2011 में उन्हें भ्रष्टाचार के एक मामले में पांच साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। यह मामला 1996 का था, जब वे संचार मंत्री थे। सुखराम के बेटे अनिल शर्मा मंडी से भाजपा के विधायक हैं।

 

राजनीतिक सफर
पंडित सुखराम का जन्म 27 जुलाई 1927 को हुआ था। सुखराम शर्मा साल 1993-1996 के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री, संचार (स्वतंत्र प्रभार) रहे थे. वह मंडी (हिमाचल प्रदेश) से लोकसभा सांसद थे। अपने राजनीतिक जीवन में सुखराम पांच बार विधानसभा और तीन बार लोकसभा चुनाव जीते। अब सुखराम के बेटे अनिल शर्मा मंडी से भाजपा विधायक हैं।

 

1996 में पंडित सुखराम को कांग्रेस से निकाल दिया गया था क्योंकि उनका नाम टेलिकॉम घोटाले में आया था। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले सुखराम ने अपने बेटे अनिल शर्मा और पोते आश्रय शर्मा के साथ भाजपा ज्वाइन कर ली थी लेकिन फिर 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सुखराम और आश्रय ने दोबारा कांग्रेस का दामन थामा। आश्रय ने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था लेकिन वह जीत नहीं सके थे।

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