मणिपुर में बड़ा एक्शन: 6 नागा ग्रामीणों के अपहरण मामले में 4 कुकी उग्रवादी गिरफ्तार

Edited By Updated: 26 May, 2026 10:16 AM

four arrested in connection with kidnapping of villagers in manipur

मणिपुर के पहाड़ी जिलों में जारी भारी तनाव के बीच सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। कांगपोकपी जिले से छह नागा ग्रामीणों के अपहरण (Kidnapping) के मामले में सोमवार को एक बड़े ऑपरेशन के दौरान चार संदिग्ध सशस्त्र कुकी उग्रवादियों को गिरफ्तार किया...

Manipur Tension : मणिपुर के पहाड़ी जिलों में जारी भारी तनाव के बीच सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। कांगपोकपी जिले से छह नागा ग्रामीणों के अपहरण (Kidnapping) के मामले में सोमवार को एक बड़े ऑपरेशन के दौरान चार संदिग्ध सशस्त्र कुकी उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि ग्रामीणों का अपहरण 14 मई को उनके परिवार के सदस्यों के साथ किया गया था। उनके परिवार के 14 सदस्यों को संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने रिहा कर दिया लेकिन छह ग्रामीणों को नहीं छोड़ा गया। 

पुलिस के अनुसार ये गिरफ्तारियां मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और असम राइफल्स के कर्मियों द्वारा कांगपोकपी जिले में पी. मोल्डिंग और लेइलोन वाइफेई अंतर-ग्राम सड़क के बीच के क्षेत्र में चलाए गए एक संयुक्त अभियान के दौरान की गईं। गिरफ्तार किए गए चार व्यक्तियों की पहचान कांगचुप के पटबंग गांव के थांगखोमांग खोंगसाई, न्यू कीथेलमानबी के मोंगबंग टोंगनेह के सेखोलेट खोंगसाई, लुनमिनथांग डिम्न्गेल और कामगौलाल खोंगसाई के रूप में की गई। 

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति कांगपोकपी जिले में सक्रिय सशस्त्र ग्राम स्वयंसेवी समूहों के सक्रिय सदस्य होने के संदेह में हैं और उन पर जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और अवैध रूप से हथियार और गोला-बारूद रखने जैसी असामाजिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। 

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पुलिस ने बताया कि छह नागा ग्रामीणों के अपहरण में चारों आरोपियों की भूमिका भी संदिग्ध है और जांच के दौरान इसका पता लगाया जाएगा। फिलहाल आगे की जांच जारी है। ये गिरफ्तारियां 13 मई को लेइलोन वाइफेई क्षेत्र से छह नागा पुरुषों के अपहरण के बाद पहाड़ी जिलों में जारी तनाव के बीच हुई हैं। इस घटना ने जवाबी कारर्वाई की एक श्रृंखला को जन्म दिया और राज्य में नागा और कुकी समूहों के बीच तनाव को और गहरा कर दिया। 

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इसके बाद कुकी ग्रामीणों का भी अपहरण किया गया और उन्हें अभी तक रिहा नहीं किया गया है। इससे पहले, यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सचिवालय में मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों से मुलाकात कर लापता ग्रामीणों की तत्काल खोज के लिए दबाव बनाया। 

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि अपहरण का मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया जाएगा। अपहृत व्यक्तियों की रिहाई और कुकी उग्रवादियों के साथ निलंबित अभियान समझौते को रद्द करने की मांग को लेकर सोमवार को एक रैली भी निकाली गई। 
 

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