राहुल गांधी के विदेशी कनेक्शन पर BJP का बड़ा हमला, लगाया देश में अराजकता फैलाने का आरोप

Edited By Updated: 22 Oct, 2026 02:30 PM

gaurav bhatia statement on rahul gandhi

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गौरव भाटिया ने राहुल गांधी के अंतरराष्ट्रीय समूहों से जुड़ाव, उनके फंड और भारत में हो रहे प्रदर्शनों में उनकी संभावित भूमिका पर स्पष्टीकरण मांगा। भाटिया की यह टिप्पणी 'फॉक्स न्यूज डिजिटल' की एक जांच रिपोर्ट के...

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने गुरुवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी के 'प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल' और 'इंडियन एलायंस पेरिस' जैसे विदेशी संगठनों से कथित संबंधों पर सवाल उठाए। भाजपा ने आरोप लगाया कि ये संगठन भारत में विरोध-प्रदर्शनों को बढ़ावा दे रहे हैं और देश में "अराजकता और अस्थिरता" फैलाने की एक बड़ी साजिश रच रहे हैं।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गौरव भाटिया ने राहुल गांधी के अंतरराष्ट्रीय समूहों से जुड़ाव, उनके फंड और भारत में हो रहे प्रदर्शनों में उनकी संभावित भूमिका पर स्पष्टीकरण मांगा। भाटिया की यह टिप्पणी 'फॉक्स न्यूज डिजिटल' की एक जांच रिपोर्ट के बाद आई है। इस रिपोर्ट में 9 देशों के ऐसे 101 संगठनों की पहचान करने का दावा किया गया है, जो दुनिया भर में विरोध-प्रदर्शनों को आयोजित करने, उनका समन्वय करने और उन्हें सोशल मीडिया पर बढ़ावा देने में शामिल हैं।

विदेशी ताकतों से जुड़ रहे देशद्रोह के तार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौरव भाटिया ने कहा, "आज देश के सामने मुख्य मुद्दा वह मॉडल है, जिसे विपक्ष के नेता राहुल गांधी पेश कर रहे हैं—जो अराजकता, अव्यवस्था और गद्दारी का मॉडल है। आज एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र में खबर छपी है कि कैसे इन गतिविधियों के तार विदेशी एजेंसियों से जुड़ रहे हैं।" उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी की इन गतिविधियों को देखते हुए उन्हें "मीर जाफर" कहा जाए, तो गलत नहीं होगा।

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पेरिस के संगठन और 10 जनपथ की बैठक पर सवाल

गौरव भाटिया ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए फ्रांस के संगठन 'इंडियन एलायंस पेरिस' का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी को एक प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था, तब इस संगठन ने सबसे पहले उनसे जुड़े वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किए थे। भाटिया ने सवाल उठाया कि क्या यह विदेशी संगठनों द्वारा भारत के आंतरिक मामलों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं है? इसके अलावा, उन्होंने 'प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल' नामक एक अंतरराष्ट्रीय संगठन का मुद्दा भी उठाया। भाटिया ने कांग्रेस के ही एक पुराने सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया, जिसमें बताया गया था कि 28 अप्रैल 2025 को सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने नई दिल्ली के 10 जनपथ पर इस संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। भाटिया ने सवाल पूछते हुए कहा, "राहुल गांधी में क्या अब इतनी भी ताकत नहीं बची है कि उन्हें भारत-विरोधी मानी जाने वाली विदेशी एजेंसियों और संगठनों का सहारा लेना पड़ रहा है?"

संस्थानों को नुकसान पहुंचाना मौलिक अधिकार नहीं
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि ये संगठन फ्रांस, स्पेन और अल्बानिया जैसे कई देशों में अशांति और प्रदर्शनों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस मुलाकात के मकसद और इन संगठनों के साथ अपने संबंधों को स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के एक सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया और उसे संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के समर्थन से जोड़ा। भाटिया ने कहा, "विरोध-प्रदर्शन करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन हिंसा करना, आगजनी करना और देश की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुँचाना कोई अधिकार नहीं है।"

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में क्या है?
फॉक्स न्यूज डिजिटल की रिपोर्ट में 28 कम्युनिस्ट और सोशलिस्ट युवा संगठनों के एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का खुलासा किया गया है, जो यूरोप भर में छात्रों और युवाओं को प्रदर्शनों के लिए एकजुट कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह नेटवर्क सिर्फ फ्रांस तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन, ग्रीस, ब्राजील और भारत जैसे देशों तक फैला हुआ है। इसमें 'नेविल रॉय सिंघम' नेटवर्क और 'इंडियन एलायंस पेरिस' जैसे समूहों का नाम लिया गया है, जो कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनों को बढ़ावा दे रहे हैं और इनकी तुलना भारत में होने वाले छात्र आंदोलनों से कर रहे हैं।

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