Edited By Rahul Singh,Updated: 14 Oct, 2026 03:47 PM

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित पुलिस मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित पुलिस मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीड़ित NSUI कार्यकर्ताओं के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरी घटना की कड़ी निंदा की। राहुल गांधी ने इस दौरान पुलिस की बर्बरता का शिकार हुए छात्रों और महिला प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाया और सरकार व पुलिस प्रशासन को सख्त चेतावनी दी।
NSUI कार्यकर्ताओं और पीड़ित महिला ने सुनाई आपबीती
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान NSUI कार्यकर्ता समर्थ ने आरोप लगाया कि 4 अक्टूबर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद 5 अक्टूबर को उन्हें हिरासत में लिया गया। पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन ले जाकर वहाब सिंह तोमर और अंकित कसाना समेत कई पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बुरी तरह मारपीट की, और उल्टी आने पर बैग में उल्टी करने जैसी अमानवीय बातें कहीं। वहीं, प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट का शिकार हुई महिला प्रदर्शनकारी रितु भराला ने बताया कि हिरासत में ली गई बस के भीतर महिला कांस्टेबल चंचल यादव ने उनका गला पकड़कर खींचा, चेहरे पर नाखूनों से खरोंचा और थप्पड़ मारा। दूसरे कार्यकर्ता धर्मेंद्र ने भी पुलिस पर अभद्रता करने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए।
राहुल गांधी की दो-टूक- वीडियो सबूत संभाल कर रखें, 'सबको सजा दिलाएंगे'
छात्रों का समर्थन करते हुए राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि ये बच्चे हिंदुस्तान की आवाज हैं और कोई भी ताकत इस आवाज को दबा नहीं सकती। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे पुलिस बर्बरता के सभी वीडियो और डिजिटल सबूत (Video Evidence) सुरक्षित रखें, ताकि आने वाले समय में दोषियों को सजा दिलाई जा सके। कांग्रेस नेता ने साफ शब्दों में कहा कि एफआईआर दर्ज कराने और कानूनी लड़ाई लड़ने की चिंता छात्र न करें, क्योंकि पार्टी पूरी ताकत से उनके साथ खड़ी है और इस बर्बरता को भूला नहीं जाएगा।