Edited By Sahil Kumar,Updated: 12 Oct, 2026 08:14 PM

सोने और चांदी के दामों में आज तेज गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सुबह से ही दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ था, लेकिन शाम होते-होते बिकवाली और बढ़ गई।
Gold Price: सोने और चांदी के दामों में आज तेज गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सुबह से ही दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ था, लेकिन शाम होते-होते बिकवाली और बढ़ गई। MCX पर सोने के दाम 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे फिसल गए, जबकि चांदी का भाव भी गिरकर करीब 2.23 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया।
सोना हुआ सस्ता
आज MCX पर सोने के दाम में तेज गिरावट देखने को मिली। सोना 1 फीसदी से ज्यादा टूटकर 1,49,159 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गया। इस तरह दिन के दौरान सोने के रेट में करीब 2,000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। आज सुबह कारोबार शुरू होते ही सोना 1,443 रुपये सस्ता होकर 1,50,056 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला था। पिछले कारोबारी सत्र में सोने का वायदा भाव 1,51,499 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। ताजा गिरावट के साथ सोना एक बार फिर 1.50 लाख रुपये के अहम स्तर से नीचे चला गया।
चांदी के दामों में भारी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी के दामों में भी गिरावट देखने को मिली। शाम के कारोबार में चांदी करीब 2,500 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई और इसका भाव लगभग 2,23,000 रुपये के आसपास पहुंच गया। सुबह कारोबार की शुरुआत में ही चांदी की कीमत करीब 1,400 रुपये गिर गई थी।
चांदी के लिए यह गिरावट इसलिए भी अहम है, क्योंकि इसी साल जनवरी में इसने वायदा बाजार में 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। सोमवार की गिरावट के बाद चांदी अपने रिकॉर्ड भाव से करीब 1.96 लाख रुपये नीचे आ गई। औद्योगिक मांग में सुस्ती, महंगाई और ऊंची ब्याज दरों की आशंकाओं ने भी चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है।
क्यों गिरे सोने-चांदी के भाव?
सोमवार को जारी खुदरा महंगाई के आंकड़ों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी। सितंबर में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 फीसदी पर पहुंच गई, जो करीब 22 महीने का उच्च स्तर बताया गया। अगस्त में यह दर 4.82 फीसदी दर्ज की गई थी। महंगाई के ताजा आंकड़े अनुमानों से अधिक रहने के कारण बाजार में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई।
दरअसल, जब महंगाई लगातार ऊंची रहती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने से बच सकते हैं या उन्हें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकते हैं। ऐसी स्थिति में बॉन्ड और बैंक जमा जैसे ब्याज देने वाले निवेश विकल्प अधिक आकर्षक हो जाते हैं। दूसरी ओर, सोना और चांदी नियमित ब्याज नहीं देते, इसलिए इनकी मांग पर दबाव पड़ सकता है। इसका असर कीमतों में गिरावट के रूप में दिखाई देता है।