ग्रेटर नोएडा हादसा: तीन दिन बाद पानी से बाहर निकली कार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले कई राज

Edited By Updated: 20 Jan, 2026 07:23 PM

greater noida sector 150 accident

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 इलाके में शुक्रवार रात हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। भारी जलभराव के बीच सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार पानी से भरे गड्ढे में फंस गई थी,

नेशनल डेस्क: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 इलाके में शुक्रवार रात हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। भारी जलभराव के बीच सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार पानी से भरे गड्ढे में फंस गई थी, जहां डूबने से उनकी मौत हो गई। हादसे के करीब तीन दिन बाद एनडीआरएफ की टीम ने युवराज की कार को पानी से बाहर निकाला है।

पानी में डूबी कार की हालत बेहद खराब

एनडीआरएफ द्वारा बरामद की गई कार कई घंटे तक पानी के अंदर पड़ी रहने के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। कार के शीशे टूटे हुए मिले और सनरूफ भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त था। आशंका जताई जा रही है कि पानी के अत्यधिक दबाव के कारण कार के शीशे टूटे होंगे। अब कार के बाहर आने के बाद यह जांच संभव हो सकेगी कि हादसा किसी तकनीकी खराबी के कारण तो नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार, वाहन की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी की जा रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ

हादसे के बाद सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने युवराज की मौत की वजह स्पष्ट कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, युवराज की मौत दम घुटने से हुई। पोस्टमार्टम में उनके फेफड़ों में करीब साढ़े तीन लीटर पानी पाया गया, जिससे यह साफ होता है कि वह काफी समय तक पानी में डूबे रहे।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य सरकार ने नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) लोकेश एम को पद से हटा दिया है। वहीं मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।

जांच में जुटी SIT, पांच दिन में मांगी गई रिपोर्ट

एसआईटी ने मंगलवार से जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। टीम सबसे पहले नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय पहुंची, जहां करीब दो घंटे तक संबंधित दस्तावेजों और अधिकारियों से पूछताछ की गई। इसके बाद टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। एसआईटी से पांच दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

बिल्डर गिरफ्तार, पुलिस कर रही जांच

इस मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने एमजेड विजटाउन के मालिक और बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सेक्टर-150 इलाके में जलभराव और सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही किस स्तर पर हुई।

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