Edited By Rohini Oberoi,Updated: 23 Feb, 2026 10:43 AM

देश की राजधानी में एक बार फिर नस्लवाद (Racism) का बदसूरत चेहरा सामने आया है। साउथ दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में अरुणाचल प्रदेश की तीन युवतियों को उनके पड़ोसियों ने न केवल सरेआम जलील किया बल्कि उन पर भद्दी और नस्लीय टिप्पणियां भी कीं। मामूली सी बात...
Delhi Racial Abuse Video Viral : देश की राजधानी में एक बार फिर नस्लवाद (Racism) का बदसूरत चेहरा सामने आया है। साउथ दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में अरुणाचल प्रदेश की तीन युवतियों को उनके पड़ोसियों ने न केवल सरेआम जलील किया बल्कि उन पर भद्दी और नस्लीय टिप्पणियां भी कीं। मामूली सी बात से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि पड़ोसियों ने युवतियों के चरित्र पर भी सवाल उठा दिए।
विवाद की वजह: सिर्फ धूल और ईंट का टुकड़ा
घटना 20 फरवरी की है। पीड़ित महिलाएं मालवीय नगर में किराए पर रहती हैं। उन्होंने अपने फ्लैट में एसी (AC) लगवाने के लिए मैकेनिक को बुलाया था। ड्रिल मशीन चलने के कारण दीवार की थोड़ी धूल और ईंट के छोटे टुकड़े नीचे रहने वाले पड़ोसी के फ्लोर पर गिर गए। बस इसी बात पर पड़ोसी हर्ष सिंह और उसकी पत्नी रूबी जैन ने हंगामा खड़ा कर दिया।

500 रुपये में मसाज करने वाली...
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आरोपी महिला रूबी जैन की बदतमीजी साफ देखी जा सकती है। वीडियो में वह युवतियों को 'मोमो' कहकर चिढ़ाती और यह कहती सुनी जा सकती है कि— "500 रुपये में मसाज पार्लर में काम करने वाली... क्या यहां धंधा करने बैठी हो?" हैरानी की बात यह है कि मौके पर एक पुलिसकर्मी भी मौजूद था लेकिन आरोपी दंपत्ति पुलिस के सामने भी युवतियों को गटर-छाप और बेकार कहते रहे। पीड़ितों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन पर शराब पीने के झूठे आरोप भी लगाए गए।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी स्थिति
पीड़ित महिलाओं और उनकी वकील रीना राय की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी दंपत्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। हालांकि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा देखा जा रहा है।
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राजधानी में नस्लवाद की गहरी जड़ें
यह घटना दिल्ली जैसे महानगर में पूर्वोत्तर (North-East) के लोगों द्वारा झेले जाने वाले मानसिक उत्पीड़न को फिर से उजागर करती है। जानकारों का कहना है कि पूर्वोत्तर के लोगों को उनके लुक और खान-पान के आधार पर निशाना बनाना एक दंडनीय अपराध है फिर भी ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।