Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 Jun, 2026 02:30 PM

Monsoon Alert: मॉनसून की दस्तक का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, थोड़ी देरी के बाद मॉनसून 4 जून 2026 के आसपास केरल पहुंच सकता है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के कई राज्यों में व्यापक बारिश की शुरुआत होने की संभावना है।
Monsoon Alert: मॉनसून की दस्तक का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, थोड़ी देरी के बाद मॉनसून 4 जून 2026 के आसपास केरल पहुंच सकता है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के कई राज्यों में व्यापक बारिश की शुरुआत होने की संभावना है। मौसम एजेंसी ने अगले एक सप्ताह के दौरान केरल समेत दक्षिणी राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान जताया है, जिससे गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ देश में बारिश के मौसम की आधिकारिक शुरुआत भी हो जाएगी।
मौसम एजेंसी ने अगले एक हफ़्ते में दक्षिणी राज्यों में बड़े पैमाने पर बारिश होने का अनुमान लगाया है, जिसमें केरल पर मॉनसून के आने का सबसे ज़्यादा असर पड़ने की उम्मीद है। राज्य के कुछ अलग-अलग इलाकों में अगले छह से सात दिनों के दौरान 7 cm से 20 cm तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
Monsoon का आना भारत के लिए एक बहुत ही अहम घटना है, जहाँ देश की लगभग आधी खेती की ज़मीन सिंचाई के लिए मौसमी बारिश पर निर्भर करती है। मॉनसून जलाशयों को भी भरता है, पनबिजली उत्पादन में मदद करता है और गर्मियों की तेज़ गर्मी से राहत दिलाता है। हालांकि, Monsoon के आने के साथ-साथ कई इलाकों में मौसम की खतरनाक स्थितियाँ भी पैदा होने की आशंका है।
IMD ने आने वाले हफ़्ते के कई दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों, साथ ही दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में मध्यम से गंभीर तूफ़ानी गतिविधियों की चेतावनी दी है। इन तूफ़ानों के साथ 40 से 50 kmph की रफ़्तार से तेज़ हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे बाहरी गतिविधियों, अस्थायी ढांचों, बिजली की लाइनों और खेती को नुकसान पहुँचने का खतरा हो सकता है। प्रभावित इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने और स्थानीय मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है।
उत्तर-पश्चिम भारत में तूफ़ान और तेज़ हवाओं का दौर
उत्तर-पश्चिम भारत में, जिसमें दिल्ली-NCR, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा शामिल हैं, तूफ़ान और तेज़ हवाएं चलती रहेंगी, जिससे हाल ही में पड़ी भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। मध्य भारत में भी, जिसमें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं, मौसम की ऐसी ही स्थितियाँ रहने की उम्मीद है, जबकि बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी राज्यों में भी तूफ़ान और रुक-रुककर बारिश हो सकती है।
यह पूर्वानुमान भारत भर में मॉनसून से पहले कई दिनों तक चली व्यापक तूफ़ानी गतिविधियों के बाद आया है, जिसके कारण कई जगहों पर अधिकतम तापमान में पहले ही काफ़ी गिरावट आ चुकी है। मौसम वैज्ञानिक आने वाले दिनों में मॉनसून की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखेंगे, क्योंकि यह केरल से आगे बढ़कर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ेगा।