कैसे हुई साध्वी प्रेम बाईसा की मौत? आ गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट, लेकिन...

Edited By Updated: 02 Feb, 2026 05:55 AM

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कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला अब और उलझता जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी उनकी मौत की सही वजह साफ नहीं हो पाई है। इसी वजह से पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट, दवाओं और मौके से मिले सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।...

नेशनल डेस्कः  कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला अब और उलझता जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी उनकी मौत की सही वजह साफ नहीं हो पाई है। इसी वजह से पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट, दवाओं और मौके से मिले सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। डॉक्टरों की शुरुआती राय के बाद इस मामले में जहर या दवाओं के गलत इस्तेमाल की आशंका भी जताई जा रही है।

आंतें लाल मिलीं — क्या यह जहर का संकेत है?

पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि साध्वी की छोटी और बड़ी आंतें पूरी तरह लाल हो चुकी थीं। मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में जहरीला पदार्थ जाने पर कई बार आंतों में ऐसी प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। हालांकि, सिर्फ इसी आधार पर मौत का कारण तय नहीं किया जा सकता। इसलिए डॉक्टरों ने विसरा (शरीर के अंदरूनी अंगों के नमूने) सुरक्षित रख लिए हैं और उन्हें फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेज दिया गया है। एफएसएल की केमिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि उनके शरीर में कोई जहरीला पदार्थ था या नहीं।

आश्रम के पास मिली दवाएं, बढ़े सवाल

पुलिस को पाल रोड स्थित साधना कुटीर आश्रम के पास से आस्थालीन (Asthalin) दवा के खाली रैपर मिले हैं। यह दवा आमतौर पर अस्थमा और सांस की गंभीर समस्या वाले मरीजों को दी जाती है। इससे जांच में नया मोड़ आ गया है क्योंकि आश्रम के कंपाउंडर देवी सिंह ने पुलिस को बताया था कि साध्वी को सिर्फ “मामूली जुकाम” था और इसी वजह से उसे बुलाया गया था। अब पुलिस पूछ रही है कि अगर समस्या हल्की थी, तो अस्थमा की दवाएं वहां क्यों थीं?

डेक्सोना इंजेक्शन का इस्तेमाल — क्या था खतरा?

जांच में यह भी सामने आया है कि कंपाउंडर ने साध्वी को सबसे पहले डेक्सोना (Dexona) इंजेक्शन लगाया था। यह एक स्टेरॉयड इंजेक्शन है, जो सांस की नली में सूजन कम करने और एलर्जी या गंभीर संक्रमण में दिया जाता है। कंपाउंडर ने बताया कि साध्वी पहले भी कई बार यह इंजेक्शन लगवा चुकी थीं। इससे शक पैदा हो रहा है कि क्या साध्वी लंबे समय से किसी छिपी हुई सांस की बीमारी से जूझ रही थीं, जिसके बारे में सार्वजनिक तौर पर कभी बात नहीं की गई?

पुलिस किन एंगल से जांच कर रही है?

अब पुलिस कई संभावनाओं पर काम कर रही है:

  • क्या दवाओं की ओवरडोज से हालत बिगड़ी?

  • क्या गलत दवाओं का खतरनाक कॉम्बिनेशन दिया गया?

  • क्या साध्वी ने खुद कोई जहरीला पदार्थ लिया?

  • या फिर यह किसी की साजिश का नतीजा है?

इन सभी सवालों का जवाब फिलहाल एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट पर टिका है। उसी रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।

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