पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर के बयान पर भारत में कितना गुस्सा

Edited By Updated: 02 May, 2025 02:19 PM

how much anger is there in india on asim munir s statement

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। इस हमले से कुछ दिन पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने कश्मीर को लेकर ऐसा बयान दिया था

इंटरनेशनल डेस्क: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। इस हमले से कुछ दिन पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने कश्मीर को लेकर ऐसा बयान दिया था जिसने भारतीय रणनीतिक हलकों में चिंता की लहर दौड़ा दी। उनके बयान को सिर्फ एक पारंपरिक भाषण मानकर नजरअंदाज नहीं किया गया क्योंकि जिस अंदाज में उन्होंने हिंदू-मुस्लिम मतभेद, धार्मिक पहचान, और कश्मीर मुद्दे पर संघर्ष की बात की, उसे भारत में एक उकसाने वाले कदम के तौर पर देखा गया।

कौन हैं जनरल आसिम मुनीर?

जनरल आसिम मुनीर पाकिस्तान के मौजूदा सेना प्रमुख हैं और उन्हें देश का सबसे ताकतवर व्यक्ति माना जाता है। उन्होंने 1986 में ऑफिसर्स ट्रेनिंग स्कूल मंगला से ट्रेनिंग पूरी कर सेना में प्रवेश किया। ट्रेनिंग के दौरान वे बेस्ट कैडेट चुने गए थे। वे धार्मिक पृष्ठभूमि से आते हैं और हाफ़िज़-ए-क़ुरान हैं यानी उन्होंने पवित्र क़ुरान को पूरी तरह याद किया हुआ है। इसके अलावा वे राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय इस्लामाबाद से रणनीतिक सुरक्षा और सार्वजनिक नीति में मास्टर्स कर चुके हैं। वे जापान और मलेशिया जैसे देशों के सैन्य संस्थानों से भी पढ़ाई कर चुके हैं।

आईएसआई से लेकर सेना प्रमुख तक का सफर

जनरल मुनीर पाकिस्तान की प्रमुख खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख भी रह चुके हैं। हालांकि इस पद पर उनका कार्यकाल केवल आठ महीने रहा और तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने उन्हें पद से हटा दिया था। इस घटना ने इमरान खान और जनरल मुनीर के संबंधों में दरार डाल दी, जो बाद में और गहराई। आज स्थिति ये है कि इमरान खान जेल में हैं और जनरल मुनीर पूरी तरह से सेना की कमान संभाले हुए हैं।

जनरल बाजवा से कितने अलग हैं मुनीर?

जनरल मुनीर को उनके पूर्ववर्ती जनरल क़मर बाजवा से बिल्कुल अलग माना जाता है। बाजवा जहां पर्दे के पीछे से कूटनीति को तवज्जो देते थे वहीं मुनीर को एक सख्त रुख वाला और कम समझौता करने वाला अधिकारी माना जाता है। बाजवा के कार्यकाल में 2019 के पुलवामा हमले के बाद तनाव को बढ़ने से रोकने में कूटनीति काम आई थी। लेकिन जनरल मुनीर की रणनीति इससे उलट दिखती है। उन्होंने कश्मीर एकजुटता दिवस पर साफ कहा था कि “अगर जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान कश्मीर के लिए दस युद्ध और लड़ने को तैयार है।”

जनरल मुनीर का कश्मीर पर विवादास्पद बयान

17 अप्रैल को इस्लामाबाद में प्रवासी पाकिस्तानियों के सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा, "हम धर्म से लेकर जीवनशैली तक हर मामले में हिंदुओं से अलग हैं" और साथ ही यह भी कि "पाकिस्तान कश्मीरियों को कभी अकेला नहीं छोड़ेगा।" विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई सामान्य बयान नहीं था। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विश्लेषक जोशुआ टी व्हाइट ने कहा कि “यह लहजा भड़काऊ था और इससे क्षेत्रीय तनाव और गहराया है।”

भारत में क्यों भड़का गुस्सा?

पहलगाम हमले में पर्यटकों को निशाना बनाया गया, जो पिछले दो दशकों में सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है। भारत ने इस हमले का आरोप पाकिस्तान पर लगाया है और इसे जनरल मुनीर के हालिया बयान से जोड़ कर देखा है। भारत में इस बयान को एक खतरनाक चेतावनी और एक संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत के रूप में देखा गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि जनरल मुनीर ने बयान देकर एक तरह से तनाव को और उकसाया है।

पाकिस्तान के अंदर कैसे देखे जा रहे हैं मुनीर?

पाकिस्तान में जनरल मुनीर को एक निर्णायक और सख्त सैन्य नेता के तौर पर देखा जाता है। 9 मई 2023 को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद जब देश में अशांति फैली, तब उन्होंने सख्त कार्रवाई की। कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया और सैन्य कानून के तहत केस दर्ज हुए। इससे उनके नेतृत्व में सेना की सत्ता को पुनः स्थापित करने की कोशिश मानी गई।

 

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