Edited By Sanjeev,Updated: 11 Oct, 2026 02:01 PM

अधिकारियों ने बताया कि टोलीचौकी पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण और उसे जबरन वेश्यावृत्ति में धकेलने के आरोप में तीन महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार करके अंतर-ज़िला मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
हैदराबाद (तेलंगाना) : अधिकारियों ने बताया कि टोलीचौकी पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण और उसे जबरन वेश्यावृत्ति में धकेलने के आरोप में तीन महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार करके अंतर-ज़िला मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति रैकेट का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों की पहचान शेख आतिफ, सबिया बेगम, मोहम्मद हाजीमिया, आफरीन उर्फ सना, समरीन बेगम, मो. नदीम, मो. कैफुद्दीन और अली बिन अकरम के तौर पर हुई है। पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं (जिनमें बलात्कार और अपहरण शामिल हैं) के साथ-साथ बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) अधिनियम और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम (ITPA) के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
शनिवार को पुलिस के बयान के अनुसार यह घटना तब सामने आई जब नाबालिग पीड़िता अट्टापुर के एक वेश्यालय से भागने में सफल रही और उसने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। मामले की जानकारी देते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सैयद फियाज ने बताया कि 2 सितंबर को मुख्य आरोपी शेख आतिफ ने लड़की का उसके ऑटो-रिक्शा में टोलीचौकी से अपहरण कर लिया और उसे अट्टापुर ले गया। इसके बाद उसने उसे सना और समरीन को सौंप दिया, जिन्होंने कथित तौर पर खाना और रहने की जगह देने का लालच देकर पीड़िता को फंसाया था।
पुलिस ने कहा, 'इसके बाद पीड़िता को सबिया बेगम को सौंप दिया गया, जो अट्टापुर में पिलर नंबर 200 के पास वेश्यालय चलाती थी। यह सौदा 30,000 रुपए में हुआ। यह पैसा आतिफ, सना और समरीन के बीच बांटा गया।' जांचकर्ताओं ने बताया कि सबिया बेगम ने पीड़िता को जबरन वेश्यावृत्ति में धकेल दिया। जब नाबालिग ने आजाद करने की गुहार लगाई, तो उसे बताया गया कि उसे पैसे देकर खरीदा गया है और उसे ग्राहकों का मनोरंजन करने के लिए मजबूर किया गया। तीन अन्य आरोपी—नदीम, कैफ़ुद्दीन और अली बिन अकरम—पर आरोप है कि उन्होंने वेश्यालय में ग्राहकों को संभालने का काम किया। 5 अक्टूबर को लड़की वेश्यालय से भागने में कामयाब रही और घर पहुंचकर अपने परिवार वालों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार ने टोलीचौकी पुलिस से संपर्क किया।
गोलकोंडा जोन के DCP जे. राघवेन्द्र रेड्डी और टोलीचौकी डिवीजन के ACP सैयद फैयाज की देखरेख में चलाए गए एक तेज ऑपरेशन के बाद स्टेशन हाउस ऑफिसर एल. रमेश नाइक की अगुवाई वाली टीम ने 9 अक्टूबर को 24 घंटे के भीतर सभी आठ आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने छह मोबाइल फोन और अपहरण में इस्तेमाल किया गया ऑटो-रिक्शा जब्त किया है। मामले की आगे की जांच जारी है और सभी आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया जा रहा है।