Edited By Radhika,Updated: 23 Feb, 2026 04:42 PM

धीरेंद्र शास्त्री एक बार फिर से अपने बयान को लेकर चर्चा में आए हैं। उन्होंने अजमेर में एक धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए जनसंख्या, धर्मांतरण और आधुनिक जीवनशैली जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भारत में...
नेशनल डेस्क: धीरेंद्र शास्त्री एक बार फिर से अपने बयान को लेकर चर्चा में आए हैं। उन्होंने अजमेर में एक धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए जनसंख्या, धर्मांतरण और आधुनिक जीवनशैली जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भारत में हिंदुओं की कम होती संख्या को एक गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए जनसंख्या संतुलन जरूरी है। इसी संदर्भ में उन्होंने सुझाव दिया कि हर हिंदू परिवार में कम से कम चार बच्चे होने चाहिए। उन्होंने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि विवाह के पश्चात वे स्वयं भी इस दिशा में योगदान देंगे।
धर्मांतरण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बोले
धर्मांतरण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने 'घर वापसी' की अपील की। उन्होंने बॉलीवुड फिल्म 'अमर अकबर एंथनी' का रोचक उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे फिल्म के किरदारों के पिता अंत में एक ही निकलते हैं, वैसे ही अगर लोग अपने पूर्वजों के इतिहास को समझें, तो उन्हें अपनी सनातनी जड़ों का एहसास हो जाएगा। उन्होंने धर्मांतरण को रोकने के लिए शिक्षा, भक्ति और आर्थिक सहयोग को तीन मुख्य स्तंभ बताया है।
युवाओं को दी नसीहत
सोशल मीडिया के दौर में युवाओं, विशेषकर बेटियों के भटकने पर उन्होंने चिंता जाहिर की। उन्होंने नसीहत दी कि इंस्टाग्राम पर रील बनाकर समय गंवाने के बजाय बेटियों को आईएएस, आईपीएस बनना चाहिए या दुर्गा और काली जैसी शक्ति का प्रतीक बनना चाहिए। गीता के श्लोक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अपने धर्म में रहकर ही जीवन की सार्थकता है और दूसरों की संस्कृति का अंधानुकरण करना खतरनाक हो सकता है।